स्पेन में दर्दनाक हादसा, दो हाई-स्पीड ट्रेनों की टक्कर में 39 लोगों की मौत; कई डिब्बे खाई में गिरे

स्पेन में दो हाई-स्पीड ट्रेनों की टक्कर से कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई. हादसे के बाद बचाव अभियान शुरू हुआ और मैड्रिड-अंदालूसिया रेल मार्ग पर सेवाएं रोक दी गईं.

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Sagar Bhardwaj

स्पेन में बुधवार सुबह दो हाई-स्पीड ट्रेनों की टक्कर में कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई. द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार, हादसा टोलेडो के पास मोरा और ऑर्गाज कस्बों के नजदीक सुबह 9 बजे के कुछ देर बाद हुआ. टक्कर के बाद कई डिब्बे पटरी से उतरकर ढलान पर जा गिरे.

 रेन्फे और इर्यो ट्रेनें आपस में टकराईं

हादसे में रेन्फे (Renfe) और इर्यो (Iryo) की ट्रेनें शामिल थीं. दोनों मैड्रिड से सेविले के रास्ते पर चल रही थीं. कैस्टिला-ला मांचा क्षेत्रीय सरकार की प्रवक्ता एस्तेर पडिला के मुताबिक, इर्यो ट्रेन के दो डिब्बे पटरी से उतर गए. इर्यो ट्रेन में एक बच्चे समेत 147 यात्री थे, जबकि रेन्फे ट्रेन में 397 यात्री सवार थे.


राहत और बचाव अभियान शुरू

हादसे के बाद दमकलकर्मियों और मेडिकल टीमों को मौके पर भेजा गया. टोलेडो, अल्काजार डी सैन जुआन और स्यूदाद रियल के अस्पतालों को घायलों के इलाज के लिए तैयार रखा गया. पास के उर्दा कस्बे के मेयर मैनुएल गलान के अनुसार, स्थानीय प्रशासन से यात्रियों और घायलों की मदद के लिए खेल परिसर जैसी जगहों पर आपातकालीन व्यवस्था करने को कहा गया.

रेल सेवाएं रोकी गईं, जांच जारी

रेल इंफ्रास्ट्रक्चर संचालक अडिफ (Adif) ने सोशल मीडिया पर बताया कि टक्कर के बाद मैड्रिड-अंदालूसिया हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर यातायात रोक दिया गया. अधिकारी हादसे के कारणों की जांच कर रहे थे.

प्रधानमंत्री ने जताया दुख

स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने हादसे पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि वह परिवहन मंत्री और क्षेत्रीय सरकार के संपर्क में हैं. उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. हादसे के बाद उन्होंने बुधवार के अपने निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए. विपक्षी पीपुल्स पार्टी ने भी अपने सभी चुनावी कार्यक्रम रद्द कर दिए.

पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा

रिपोर्ट के मुताबिक, इसी रेल मार्ग पर जनवरी में भी एक बड़ा हादसा हुआ था. कॉर्डोबा प्रांत के अदामुज के पास इर्यो ट्रेन पटरी से उतरकर सामने से आ रही रेन्फे ट्रेन से टकरा गई थी. उस दुर्घटना में 46 लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद रेलवे ढांचे में निवेश और रखरखाव को लेकर बहस छिड़ गई थी.