IPL 2026 West Bengal Assembly Election 2026 Assembly Election 2026 US Israel Iran War Tamil Nadu Assembly Election 2026

स्पेस में लेने हैं होटल के मजे, तो खर्च करने होंगे बस इतने रुपये

Space Dining News: एक स्पेस ट्रैवल कंपनी ने घोषणा में कहा है कि वह लोगों को अंतरिक्ष की सैर करने का मौका देगी. यात्री स्पेस में ही अपनी पसंद का भोजन करने में भी सक्षम होंगे.

India Daily Live

Space Dining News: स्वादिष्ट भोजन और अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए एक खास खबर सामने आई है कि वे तयशुदा कीमत चुकाकर स्पेस में खाने का आनंद ले सकेंगे. स्पेसवीआईपी नाम की एक लग्जरी स्पेस ट्रैवल कंपनी ने घोषणा की है कि वह छह घंटे की हाई टेक स्पेस बैलून यात्रा के लिए लोगों को अंतरिक्ष की सैर कराएगी जिसकी शुरुआत अगले साल से होगी. 

कंपनी ने रेस्तरां के लिए एक डेनिश शेफ रैस्मस मंक को हायर किया है.  इसके लिए कंपनी ने एक टिकट बुक करने के लिए  $500,000 की राशि तय की है. घोषणा के कुछ समय बाद ही कई लोगों ने पूछ लिया कि वह टिकट बुकिंग कैसे कर सकते हैं. 

कंपनी के मुताबिक, रैस्मस मंक उन छह लोगों के लिए मेन्यू तैयार करेंगे जो छह घंटे की हाई टेक स्पेस बैलून यात्रा के लिए रवाना होंगे. यह बैलून यात्रियों को समताप मंडल यानी समुद्र तल से लगभग 30 किमी की ऊंचाई पर ले जाया जाएगा. यात्री यहां से पृथ्वी पर सूर्योदय देखेंगे और वाईवाई सिस्टम होने की वजह से अपने दोस्तों से कनेक्ट कर सकेंगे और अपने जरूरी कार्यों को भी कर सकेंगे.

 

रिपोर्ट के अनुसार, बैलून में केवल छह लोगों के बैठने की ही जगह है. शेफ मंक के मुताबिक, स्पेसक्राफ्ट की पहली यात्रा को लेकर लोगों में खासा रुचि होती है. उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि यह यात्रा थोड़ी महंगी है लेकिन खाने के साथ इस तरह की यह पहली स्पेस लॉन्चिंग है. मंक ने कहा कि इसकी सफलता के बाद हम इसकी कीमत में बदलाव कर देंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा पाएं. 

स्पेसवीआईपी के फाउंडर रोमन चिपोरुखा ने कहा, हमारे पास पहले से ही दर्जनों योग्य प्रतिभागियों ने इस अनुभव में अपनी रुचि व्यक्त की है लेकिन हमारे पास केवल छह सीटें ही उपलब्ध हैं जिस वजह से सभी यात्रियों को मौका नहीं दे सकते हैं. 

एक बयान के अनुसार, स्पेस पर्सपेक्टिव्स द्वारा निर्मित अंतरिक्ष यान को किसी प्रशिक्षण या विशेष गियर की आवश्यकता नहीं है.  एक दबावयुक्त कैप्सूल को रॉकेट के बजाय एक स्पेस बैलून द्वारा उठाया जाएगा, जो नासा द्वारा विकसित एक तकनीक है. इसकी उड़ान अगले साल से शुरु होगी.