SIPRI 2026 रिपोर्ट: एशिया के पास अमेरिका से ज्यादा परमाणु हथियार, 9 देशों में 5 एशियाई; पाकिस्तान में क्यों बढ़ी चिंता?

SIPRI 2026 रिपोर्ट में कई परमाणु हथियारों को लेकर कई खुलासे हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक एशिया में तेजी से परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ रही है.

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Shanu Sharma

नई दिल्ली: दुनिया में इस समय तनाव चरम पर है. अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के खिलाफ युद्ध लड़ रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार परमाणु हमले की धमकी भी दी है. जब भी किसी दो देशों के बीच युद्ध की स्थिति बनती है तो परमाणु हथियारों की चर्चा शुरू हो जाती है.

फिलहाल दुनिया के 9 देशों के पास परमाणु हथियार मौजूद हैं. SIPRI की ओर से अब एक नई ईयरबुक जारी की गई है. जिसमें हथियारों के आंकड़ों के बारे में बताया गया है. इस रिपोर्ट में परमाणु हथियारों का भी जिक्र है. रिपोर्ट के मुताबिक एशिया और यूरोप में हथियार तेजी से बढ़ रहे हैं.

भारत, पाकिस्तान और चीन के पास कितने परमाणु हथियार?

SIPRI 2026 रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के पास अभी कुल 12,187 परमाणु हथियार हैं, जो कि पिछले साल की तुलना में थोड़े कम हैं. रिपोर्ट के मुताबिक 9,745 परमाणु हथियारों को सैन्य भंडार में रखा गया है, वहीं 4,012 हथियार तैनात हैं. जरूरत पड़ने पर इनका कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है.


रिपोर्ट में भारत को लेकर कहा गया है कि भारत तेजी से अपने हथियार बढ़ा रहा है. हालिया आकलन के मुताबिक भारत के पास अभी 190 परमाणु हथियार हो सकते हैं. वहीं पाकिस्तान के पास 170 परमाणु हथियार मौजूद हैं. वहीं चीन के पास अभी 620 परमाणु हथियार मौजूद होने की बात कही गई है.

एशिया में सबसे ज्यादा परमाणु हथियार

रिपोर्ट के मुताबिक परमाणु हथियारों के मामले में सबसे आगे यूरोप है. यूरोप के पास कुल 6,015 परमाणु हथियार हैं. इनमें से सबसे ज्यादा हथियार रूस के पास हैं. रिपोर्ट के मुताबिक रूस के पास 5,420, फ्रांस के पास 370 और ब्रिटेन के पास 225 हथियार होने की संभावना है. वहीं अमेरिका के पास अकेले 5,042 परमाणु हथियारों का जखीरा है. हालांकि इसके बावजूद एशिया दुनिया का सबसे खतरनाक परमाणु क्षेत्र है.

रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के जिन 9 देशों के पास परमाणु हथियार मौजूद हैं, उनमें से सबसे ज्यादा देश एशिया के हैं. एशिया के 5 देशों के पास परमाणु हथियार हैं, जिनमें भारत, चीन, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इजरायल शामिल हैं. इसके अलावा एक ओर अमेरिका के हथियार कम हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ चीन के परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ रही है. चीन और भारत अपनी पनडुब्बियों पर भी परमाणु मिसाइलें तैनात कर रहे हैं. हालांकि भारत के पास बढ़ते परमाणु हथियारों के जखीरे के कारण पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई है.