सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों के बीच मक्का में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है. सरकार ने लोगों से तुरंत सुरक्षित जगह जाने और घर के अंदर रहने की अपील की है. वहीं, सऊदी कैबिनेट ने नागरिकों और जरूरी सुविधाओं को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है.
सऊदी सरकार ने आपात स्थिति को देखते हुए मक्का अल-मुकर्रमा में लोगों को सावधानी बरतने को कहा है. अधिकारियों के अनुसार, लोग तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं और घर के अंदर रहें. खिड़कियों के पास जाने से बचने के साथ खुले मैदान, कांच, बालकनी और छत से भी दूर रहने की सलाह दी गई है. अगर कोई व्यक्ति बाहर है तो उसे पास की इमारत में जाने या किसी मजबूत चीज की आड़ लेने को कहा गया है. मक्का दुनिया भर के मुसलमानों के लिए बेहद पवित्र शहर है, इसलिए यहां जारी अलर्ट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
यमन के अधिकारियों के मुताबिक, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की नई लहर शुरू की है. हूती गुट ने दावा किया कि उसने खमीस मुशैत स्थित एक सैन्य एयरबेस को निशाना बनाया, जहां एयरक्राफ्ट हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे और गोला-बारूद के डिपो पर हमला किया गया. सऊदी अधिकारियों ने दक्षिणी इलाकों के कई शहरों में भी इमरजेंसी अलर्ट जारी किए. सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के अनुसार, हमलों में 13 आम नागरिक घायल हुए हैं. सऊदी कैबिनेट ने कहा कि देश की सुरक्षा, क्षेत्र और राष्ट्रीय क्षमता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
अधिकारियों के अनुसार हूती गुट यमन के लाल सागर तट पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है. सोमवार को सरकारी और हूती अधिकारियों ने बताया कि ग्रेटर और लेसर हनिश द्वीपों पर कब्जे के बाद सऊदी शिपिंग रूट पर खतरा बढ़ गया है. ये द्वीप बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से करीब 160 किलोमीटर उत्तर में हैं, जो लाल सागर को खुले समुद्र और सऊदी अरब के अहम एशियाई बाजारों से जोड़ता है. हूती बढ़त के बाद वे जिबूती स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे से करीब 32 किलोमीटर दूर पहुंच गए हैं. इसी बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर खाड़ी देशों और ईरान की बातचीत टलने से क्षेत्रीय स्थिरता और तेल आपूर्ति की चिंता भी बढ़ी है.