रूस ने दागे 300 ड्रोन और एक दर्जन से अधिक मिसाइल, यूक्रेन में एक बार फिर भीषण तबाही

रूस ने यूक्रेन पर चार दिनों में चौथा बड़ा ड्रोन हमला किया. पावर ग्रिड और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया. हमलों से ठंड में जूझ रहे नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: यूक्रेन पर रूसी हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. चार दिनों के भीतर चौथी बार रूस ने बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं. इस बार भी ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया, जिससे कई शहरों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित हो गई. हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब अमेरिका युद्ध विराम के प्रयास कर रहा है. कड़ाके की ठंड में इन हमलों ने आम नागरिकों की परेशानी और बढ़ा दी है.

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के अनुसार रूस ने करीब 300 ड्रोन, 18 बैलेस्टिक मिसाइल और सात क्रूज मिसाइल दागीं. यह हमला रात भर जारी रहा और देश के आठ अलग अलग क्षेत्रों को प्रभावित किया. उत्तर पूर्वी शहर खारकीव में एक मेल डिपो पर हमले में चार लोगों की मौत हो गई. विस्फोटों की आवाज से लोग पूरी रात सहमे रहे और कई इलाकों में अफरातफरी का माहौल बन गया.

ठंड और अंधेरे में डूबा कीव

हमलों के बाद कीव क्षेत्र के सैकड़ों घरों की बिजली गुल हो गई. राजधानी में इन दिनों भीषण ठंड पड़ रही है, जहां दिन का तापमान माइनस 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. बर्फ से ढकी सड़कों पर लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं. जेनरेटरों की आवाज से शहर गूंज रहा है, लेकिन ईंधन की कमी के कारण हर परिवार को राहत नहीं मिल पा रही है.

आवासीय इलाकों पर असर

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक खारकीव क्षेत्र में हमलों से 10 लोग घायल हुए हैं. दक्षिणी शहर ओडेसा में भी छह लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है. क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन प्रमुख ओलेह किपर ने बताया कि रूसी हमलों में एनर्जी ग्रिड के साथ एक अस्पताल, एक किंडरगार्टन, एक शैक्षिक संस्थान और कई आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं. नागरिक ढांचे को नुकसान से मानवीय संकट गहराता जा रहा है.

सर्दी को हथियार बनाने की रणनीति

यूक्रेनी अधिकारियों का आरोप है कि रूस जानबूझकर पावर ग्रिड को निशाना बना रहा है. इसका मकसद कड़ाके की ठंड में आम लोगों की जिंदगी और मुश्किल बनाना है. बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित होने से लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं. यूक्रेन इस रणनीति को सर्दी को हथियार बनाने की नीति बता रहा है, ताकि नागरिक दबाव के जरिए युद्ध में बढ़त हासिल की जा सके.

शांति प्रयासों पर सवाल

चार दिन पहले भी रूस ने यूक्रेन पर सैकड़ों ड्रोन और दर्जनों मिसाइलों से हमला किया था. उस हमले में हाइपरसोनिक मिसाइल का इस्तेमाल भी किया गया था. पश्चिमी यूक्रेन में हुए हमलों को नाटो सहयोगियों के लिए कड़ा संदेश माना गया. अमेरिका ने रूस पर युद्ध को बेवजह भड़काने का आरोप लगाया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार संघर्ष खत्म कराने की कोशिशों में जुटे हैं, लेकिन हालिया हमलों से ये प्रयास कमजोर पड़ते दिख रहे हैं.