Russia-Ukraine War: ‘समय बर्बाद नहीं करना चाहते’, बुडापेस्ट वार्ता स्थगित होने पर ट्रंप का पुतिन पर तीखा हमला, वीडियो में देखें क्या कहा
Russia-Ukraine war: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ प्रस्तावित बुडापेस्ट शिखर सम्मेलन को रद्द करते हुए कहा कि वह व्यर्थ बैठकों में समय बर्बाद नहीं करना चाहते.
Russia-Ukraine War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि वह रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ 'व्यर्थ बैठक' नहीं चाहते. उन्होंने यूक्रेन युद्ध को सुलझाने के पिछले निष्फल प्रयासों पर अपनी निराशा व्यक्त की. पुतिन के साथ बुडापेस्ट शिखर सम्मेलन रद्द होने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं व्यर्थ बैठक नहीं करना चाहता.
ट्रंप, जो कभी पुतिन के साथ अपने “मजबूत व्यक्तिगत संबंधों' का दावा करते थे, अब उनके प्रति सख्त होते दिख रहे हैं. उन्होंने कहा कि 'मैं अब ऐसे दौर से नहीं गुजरना चाहता जहां हर बैठक का अंत निराशा में हो.' यह बयान ट्रंप की कूटनीतिक रणनीति में बदलाव की ओर संकेत करता है.
ट्रंप ने क्या कहा
उन्होनें कहा 'मैं समय की बर्बादी नहीं चाहता, इसलिए देखते हैं क्या होता है.' 'पुतिन के साथ ट्रंप का धैर्य खत्म हो गया'.
पूर्वी डोनबास क्षेत्र छोड़ने का दबाव
कुछ ही दिन पहले, ट्रंप ने संकेत दिया था कि वह दो हफ़्तों के भीतर पुतिन से मिलेंगे और यूक्रेन पर शांति के बदले पूर्वी डोनबास क्षेत्र छोड़ने का दबाव डालेंगे. हालांकि, ट्रंप के साथ हाल ही में हुई बातचीत के बावजूद, क्रेमलिन कथित तौर पर अपनी सभी मांगों पर अड़ा रहा, जिसके बाद व्हाइट हाउस ने घोषणा की कि तत्काल कोई बैठक निर्धारित नहीं है.
क्या आगे होगी बैठक?
क्रेमलिन ने पुष्टि की है कि ट्रंप-पुतिन की अगली बैठक की कोई निश्चित तारीख नहीं है, क्योंकि अगस्त में अलास्का में हुई वार्ता यूक्रेन पर कोई ठोस निष्कर्ष निकालने में विफल रही थी. ट्रंप ने पुतिन के साथ व्यक्तिगत संबंध होने का दावा करने के बावजूद निराशा के संकेत दिए हैं, लेकिन पिछले हफ़्ते व्हाइट हाउस में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात के बाद उनका रुख मास्को की ओर मुड़ता दिखाई दिया.
'तनावपूर्ण' चर्चाओं के दौरान, ट्रंप ने कथित तौर पर जेलेंस्की पर पुतिन की प्रमुख मांगों में से एक, पूर्वी डोनबास क्षेत्र छोड़ने का दबाव डाला, जबकि सार्वजनिक रूप से मौजूदा युद्धक्षेत्रों पर युद्ध समाप्त करने का आह्वान किया. यूक्रेनी अधिकारियों ने वार्ता को कठिन बताया और कहा कि कूटनीतिक प्रयास लंबे समय तक चलने वाले और चक्रीय लग रहे हैं.