Commonwealth Games 2026

रूस ने फिर दिखाई भारत से 'वफादारी', पाकिस्तान को 'ठेंगा' दिखाते हुए JF-17 फाइटर जेट के इंजन देने से किया इनकार

JF-17 Fighter Jet Engines: रूस को लेकर ऐसी खबरें सामने आ रही थी कि वो पाकिस्तान को JF-17 थंडर फाइटर जेट्स के इंजन देगा. हालांकि, अब रूस ने भारत के साथ दोस्ती दिखाते हुए, इन खबरों को खारिज कर दिया है.

X
Praveen Kumar Mishra

JF-17 Fighter Jet Engines: रूस ने एक बार फिर भारत के साथ अपनी गहरी दोस्ती को साबित किया है. हाल ही में कुछ खबरों में दावा किया गया था कि रूस पाकिस्तान को JF-17 थंडर फाइटर जेट के लिए RD-93MA इंजन की आपूर्ति करेगा. लेकिन रूस ने इन खबरों को साफ तौर पर खारिज कर दिया है. इस कदम से रूस ने भारत के प्रति अपनी वफादारी और विश्वास को फिर से मजबूत किया है.

रूसी सूत्रों के हवाले से WION की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान को JF-17 फाइटर जेट के लिए इंजन देने की कोई योजना नहीं है. सूत्रों ने कहा कि कुछ लोग भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत रिश्तों में खटास डालने की कोशिश कर रहे हैं. रूस ने स्पष्ट किया कि वह पाकिस्तान के साथ ऐसा कोई सहयोग नहीं कर रहा, जिससे भारत को कोई असुविधा हो. 

JF-17 और रूस का इंजन

JF-17 थंडर एक 4.5 पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट है, जिसे पाकिस्तान और चीन मिलकर बनाते हैं. यह पाकिस्तानी वायु सेना का सबसे अहम लड़ाकू विमान है, जिसकी 150 से ज्यादा यूनिट्स सेवा में हैं. इस विमान में रूस का RD-93MA इंजन इस्तेमाल होता है. ऐसे में अगर रूस पाकिस्तान को यह इंजन देता, तो यह भारत के लिए चिंता का विषय हो सकता था लेकिन रूस के इनकार ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है.


भारत-रूस की मजबूत दोस्ती

भारत और रूस के बीच रिश्ते हमेशा से मजबूत और भरोसेमंद रहे हैं. इस साल दिसंबर में होने वाले भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए तैयारियां चल रही हैं. इस दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. हाल ही में वल्दाई फोरम में पुतिन ने कहा था कि वह अपने 'प्रिय मित्र' और 'भरोसेमंद साथी' पीएम मोदी से मिलने के लिए उत्साहित हैं. 

पिछले साल पीएम मोदी रूस गए थे और इस साल भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी रूस का दौरा किया. इसके अलावा, पीएम मोदी ने हाल ही में चीन में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन से मुलाकात की थी. ये मुलाकातें दोनों देशों के बीच गहरे सहयोग का प्रतीक हैं.