BRICS में मोदी की 3 बड़ी मुलाकातें, रूस-यूक्रेन से लेकर चीन सीमा तक इन मुद्दों पर होगी चर्चा
BRICS समिट के दौरान PM मोदी की पुतिन, पेजेशकियन और शी जिनपिंग से अहम मुलाकात होगी. बातचीत में यूक्रेन युद्ध, ऊर्जा सुरक्षा, चाबहार, भारत-चीन सीमा, व्यापार और रक्षा जैसे बड़े मुद्दे शामिल रहेंगे.
नई दिल्ली में BRICS समिट के बीच भारत की कूटनीति पर पूरी दुनिया की नजर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले दिनों में रूस, ईरान और चीन के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात करेंगे. इन बैठकों में भारत के लिए जरूरी रक्षा, ऊर्जा, सीमा, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी.
पुतिन से रक्षा और यूक्रेन पर बात
मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बैठक 11 सितंबर को होगी. इसमें रक्षा सहयोग के साथ रूस के Su-57 लड़ाकू विमान, AK-203 राइफल और ब्रह्मोस प्रोजेक्ट पर चर्चा हो सकती है. दोनों नेता व्यापार और भुगतान में राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल पर भी बात कर सकते हैं. यूक्रेन युद्ध भी अहम मुद्दा रहेगा. भारत शांतिपूर्ण समाधान और बातचीत की जरूरत पर अपना रुख दोहरा सकता है.
पेजेशकियन से होर्मुज और चाबहार पर चर्चा
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेेशकियन से मोदी की मुलाकात में होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर खास ध्यान रहेगा. भारत के लिए खाड़ी क्षेत्र तेल और LPG का बड़ा स्रोत है. चाबहार पोर्ट भी बातचीत का अहम विषय होगा, यह अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक भारत को वैकल्पिक रास्ता देता है. अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद इस परियोजना का भविष्य भी महत्वपूर्ण है.
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शी जिनपिंग से LAC और व्यापार पर बात
12 सितंबर को मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक प्रस्तावित है. इसमें 2020 के गलवान तनाव के बाद सीमा पर स्थिति और LAC से जुड़े मुद्दे उठ सकते हैं. दोनों देशों के बीच सैनिकों की तैनाती और सीमा के पास बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बात संभव है. व्यापार घाटा भी बड़ी चुनौती है. भारत चीनी बाजार में अपने उत्पादों की बेहतर पहुंच और संतुलित व्यापार पर जोर दे सकता है.