अमेरिका में पंजाबी सिख ट्रक ड्राइवर पर 17 बार चाकू से हमला, DHS पोस्टर के बाद घटना ने बढ़ाई चिंता
अमेरिका में 28 वर्षीय पंजाबी सिख ट्रक ड्राइवर पर 17 बार चाकू से हमला किया गया. ड्राइवर को गर्दन, छाती और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट लगने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.
अमेरिका के व्योमिंग में एक पंजाबी सिख ट्रक ड्राइवर पर चाकू से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है. मिली जानकारी के मुताबिक 28 वर्षीय ड्राइवर को 17 बार चाकू मारा गया, जिससे गर्दन, छाती, बाहों और पसलियों पर गंभीर चोटें आईं.
घटना ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभागके एक विवादित पोस्टर को लेकर सिख समुदाय के खिलाफ कथित नस्लीय भाषा के इस्तेमाल पर सवाल उठे थे.
बाथरूम में घुसकर किया हमला
NPR की रिपोर्ट के मुताबिक, सैक्रामेंटो निवासी ट्रक ड्राइवर ने अपनी पहचान केवल सिंह सरनेम से बताई है. उन्होंने बताया कि वह इंटरस्टेट 80 पर स्थित बिटर क्रीक रेस्ट एरिया में रुके थे. रविवार सुबह जब वह वॉशरूम में थे, तभी एक व्यक्ति उनके पीछे वहां पहुंचा और अचानक चाकू से हमला कर दिया. सिंह के मुताबिक, हमलावर ने उन पर कई वार किए. किसी तरह वह रेस्टरूम से बाहर निकले, लेकिन गंभीर रूप से घायल होकर गिर गए. इसके बाद उन्होंने मदद के लिए आवाज लगाई.
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हिस्पैनिक परिवार ने पहुंचाई मदद
सिंह की चीख सुनकर रेस्ट एरिया में मौजूद एक हिस्पैनिक परिवार उनकी मदद के लिए पहुंचा. परिवार ने उनके घावों को संभालने की कोशिश की और मेडिकल सहायता के लिए मदद मांगी. परिवार ने पुलिस को संदिग्ध के ट्रक की जानकारी भी दी. जानकारी मिलने के बाद व्योमिंग हाईवे पेट्रोल ने रॉलिन्स के पास संदिग्ध वाहन को रोक लिया. यह स्थान घटनास्थल से करीब 113 किलोमीटर दूर बताया गया है. पुलिस ने एंड्रयू क्रिस ब्ज़डैक को गिरफ्तार किया है. उस पर फर्स्ट-डिग्री हत्या के प्रयास का आरोप लगाया गया है. अधिकारियों ने अभी हमले के मकसद की पुष्टि नहीं की है.
विवादित DHS पोस्टर का भी जिक्र
यह घटना DHS के एक विवादित AI ग्राफिक पोस्टर के कुछ दिन बाद सामने आई है. Transformers: Age of Deportations नाम के इस पोस्टर में एक सिख व्यक्ति को दिखाया गया था और उसमें सिंह नाम का इस्तेमाल करते हुए आप्रवासी ट्रक ड्राइवरों को लेकर संदेश दिया गया था. पोस्टर में लोगों से अमेरिका छोड़ने की अपील भी की गई थी. पोस्ट के बाद भारतीय और सिख-अमेरिकी समुदाय से जुड़े लोगों ने इसकी आलोचना की. विवाद बढ़ने के बाद DHS ने अगले दिन पोस्टर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया.