'हमें आतंकी कहा, लेकिन हम खुद आतंकवाद के शिकार', UN में पेजेशकियन ने ट्रंप को दिया जवाब

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने UNGA में ट्रंप के आरोपों का जवाब देते हुए ईरान को आतंकवाद से जोड़ने का विरोध किया. उन्होंने अमेरिकी-इजरायली हमलों, ईरानी नागरिकों की मौत और परमाणु ऊर्जा के अधिकार का मुद्दा उठाया.

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Kuldeep Sharma

संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आया. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक दिन पहले दिए बयान का जवाब देते हुए ईरान को आतंकवाद का शिकार बताया. उनके भाषण के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधि के हॉल से बाहर जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है.

ट्रंप के बयान पर पेजेशकियन का पलटवार

पेजेशकियन ने अपने संबोधन में ट्रंप की ओर से ईरान को आतंकवाद से जोड़ने वाले आरोपों का विरोध किया. उन्होंने कहा कि ईरान स्वयं आतंकवाद और हमलों का सामना करता रहा है. ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका और इजरायल पर उनके देश में आम नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप भी लगाया. उनके मुताबिक, ईरान ने इन हमलों के जवाब में अपनी रक्षा की है. ये आरोप ईरानी राष्ट्रपति के अपने बयान हैं.

स्कूल पर हमले का जिक्र, बच्चों की तस्वीरें दिखाईं

ईरानी राष्ट्रपति ने अपने भाषण के दौरान एक स्कूल पर हुए हमले का भी उल्लेख किया. उन्होंने बच्चों की तस्वीरें दिखाते हुए दावा किया कि हमले में निर्दोष बच्चों की जान गई. पेजेशकियन ने कहा कि ईरान में नागरिक इलाकों और अन्य स्थानों पर हुए हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गंभीरता से विचार करना चाहिए. उन्होंने इजरायल पर भी ईरान के अलग-अलग इलाकों में हमले करने के आरोप लगाए.


परमाणु ऊर्जा को बताया ईरान का अधिकार

पेजेशकियन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा भी संयुक्त राष्ट्र के मंच पर उठाया. उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल करना ईरान का अधिकार है और अपने देश की सुरक्षा के लिए ईरान आत्मरक्षा कर रहा है. वहीं, ट्रंप ने एक दिन पहले अपने UNGA संबोधन में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़ा रुख अपनाया था और समझौता नहीं होने पर आगे सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी.

भाषण के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधि बाहर निकला

पेजेशकियन के भाषण के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधि के हॉल से बाहर जाने की खबर भी सामने आई. इससे पहले ट्रंप के भाषण के समय ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भी सभा कक्ष छोड़ दिया था. हालांकि, UNGA के इतर अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच बातचीत की खबरें भी सामने आई हैं. दोनों देशों के बीच मध्यस्थता के जरिए बातचीत हुई है, जिससे कूटनीतिक संपर्क का एक चैनल खुला हुआ दिखाई देता है.