कीव पर घातक हमले के बीच यूएई में खत्म हुई रूस-अमेरिका-यूक्रेन शांति वार्ता
रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच दो दिन तक चली त्रिपक्षीय शांति वार्ता शनिवार को समाप्त हो गई. यह बातचीत ऐसे समय पर खत्म हुई, जब कुछ घंटे पहले ही रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर हवाई हमला किया था.
नई दिल्ली: रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच दो दिन तक चली त्रिपक्षीय शांति वार्ता शनिवार को समाप्त हो गई. यह बातचीत ऐसे समय पर खत्म हुई, जब कुछ घंटे पहले ही रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर हवाई हमला किया था. इस हमले में कम से कम एक व्यक्ति की मौत व कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी.
रूस का बड़ा दावा
रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में रूस ने साफ कहा कि अगर शांति समझौता करना है, तो यूक्रेन को अपने पूर्वी इलाकों से सेना हटानी होगी. रूस ने इन इलाकों को अपने साथ जोड़ने का दावा किया है. हालांकि, वह अब तक उन पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं कर पाया है. रूस का मानना है कि बिना इस शर्त के किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं है.
जमीन पर हालात बेहद गंभीर
शांति वार्ता खत्म हो चुकी है, लेकिन जमीन पर हालात अब भी बेहद गंभीर बने हुए हैं. बातचीत के बावजूद हवाई हमले और बुनियादी सुविधाओं पर हमले यह दिखाते हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध का समाधान अभी भी आसान नहीं है और आगे की राह काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है.
रूस पर गंभीर आरोप
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबीहा ने शनिवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर सीधा हमला बोला. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जिस समय यूक्रेन, रूस और अमेरिका के प्रतिनिधि शांति वार्ता के लिए आबूधाबी में मौजूद हैं, उसी समय रूस ने यूक्रेन पर मिसाइल हमले किए. सिबीहा ने कहा कि ऐसे हमले यह साबित करते हैं कि पुतिन को बातचीत की मेज पर नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय अदालत में जवाब देना चाहिए.
मिसाइल और ड्रोन से हमला
यूक्रेनी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार तड़के रूस ने यूक्रेन के दो सबसे बड़े शहरों कीव और खारकीव को निशाना बनाया. इन हवाई हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कम से कम 23 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. यूक्रेनी वायुसेना ने बताया कि इस हमले में रूस ने करीब 375 ड्रोन और 21 मिसाइलों का इस्तेमाल किया. एक बार फिर रूस ने यूक्रेन की ऊर्जा व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की. हमलों के बाद राजधानी कीव के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई.
क्रेमलिन के प्रवक्ता क्या बोले?
वहीं, रूस की ओर से क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव का बयान भी सामने आया है. उन्होंने कहा कि रूस अपनी मांगों से पीछे हटने वाला नहीं है. पेसकोव के मुताबिक, रूस ने डोनबास क्षेत्र को लेकर अपनी शर्तें नहीं बदली हैं. डोनबास यूक्रेन के लिए बेहद अहम इलाका है, जिसमें औद्योगिक रूप से मजबूत दोनेत्स्क और लुहांस्क क्षेत्र शामिल हैं. ऐसे में साफ है कि शांति वार्ता की राह आसान नहीं होने वाली है.