'जिंदा बचा लो', हंता वायरस वाले क्रूज में फंसे यात्री का छलका दर्द; सुनाई आपबीती

एमवी होंडियस क्रूज पर फैले हंता वायरस ने यात्रियों में भारी दहशत पैदा कर दी है. इसी क्रुज पर मौजूद एक यात्री का वीडियो अब जमकर वायरल हो रहा है.

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Ashutosh Rai

कोरोना महामारी की यादों के बीच अब एक नए खतरे ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. केप वर्डे के पास खड़े डच क्रूज जहाज एमवी होंडियस पर हंता वायरस फैल गया है. इस जहाज पर 23 अलग-अलग देशों के 149 यात्री सवार हैं. इस जहाज पर मौजूद लोग अब एक खौफनाक सपने का सामना कर रहे हैं. इसी बीच जहाज पर मौजूद एक यात्री का भयानक वीडियो वायरल हो रहा है. वहीं डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि आमतौर पर चूहों से फैलने वाला यह वायरस अब इंसानों से इंसानों में फैलने का दुर्लभ खतरा दिखा रहा है.

वीडियो में डरवाना मंजर

जहाज पर फंसे यात्रियों का दर्द और खौफ बयां करते हुए एक युवक ने वीडियो जारी किया. उन्होंने कहा, “हम सिर्फ एक खबर नहीं हैं. हम सिर्फ हेडलाइन नहीं हैं. हम लोग हैं, जिनके परिवार हैं, जिनके घर पर लोग हमारा इंतजार कर रहे हैं. यहां बहुत अनिश्चितता है, और यही सबसे मुश्किल चीज है. हम बस सुरक्षित महसूस करना चाहते हैं, साफ जानकारी चाहते हैं और घर वापस जाना चाहते हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “अगर आप इस खबर को देख रहे हैं, तो याद रखें कि इसके पीछे असली लोग हैं. यह कोई दूर की जगह पर हो रही घटना नहीं है.. यह अभी हमारे साथ हो रहा है. जब मैं और जानकारी दे पाऊंगा, तब शेयर करूंगा, लेकिन अभी के लिए मैं सिर्फ आपकी समझ और दया चाहता हूं.”

मौत का खौफ 

हंता वायरस के इस जानलेवा और अचानक हुए हमले में जहाज पर अब तक कुल सात मामलों की पहचान हो चुकी है. इनमें से तीन लोगों की दुखद मौत हो चुकी है. इसमें एक डच दंपति और एक जर्मन नागरिक मुख्य रूप से शामिल हैं. इसके अलावा, गंभीर रूप से बीमार हुए एक 69 वर्षीय ब्रिटिश यात्री को विशेष मेडिकल इवैक्यूएशन की मदद से आगे के इलाज के लिए दक्षिण अफ्रीका भेज दिया गया है.

इंसान से इंसान में संक्रमण का नया खतरा

हंता वायरस मुख्य रूप से संक्रमित चूहों के करीब जाने या उनके संपर्क में आने से ही फैलता है, लेकिन डब्ल्यूएचओ की ताजा रिपोर्ट ने चिंता काफी बढ़ा दी है. डब्ल्यूएचओ की अधिकारी डॉ. मारिया वान केरखोव के अनुसार, एक ही कमरे में रहने और करीबी संपर्क के कारण इसका इंसान से इंसान में फैलना पूरी तरह संभव है. ऐसा होना बहुत दुर्लभ है, लेकिन जहाज जैसी बंद और छोटी जगह पर इसका जोखिम काफी बढ़ जाता है.

जानलेवा लक्षण

यह जानलेवा वायरस इंसानी शरीर पर मुख्य रूप से दो तरह से गंभीर हमला करता है. पहला एचपीएस जो सीधे फेफड़ों को भारी नुकसान पहुंचाता है, और दूसरा एचएफआरएस जिससे मरीजों की किडनी पूरी तरह फेल हो जाती है. इसके शुरुआती लक्षण बिल्कुल सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं, जिनमें तेज बुखार, अत्यधिक ठंड लगना, मांसपेशियों में भयंकर दर्द, थकान और चक्कर आना मुख्य रूप से शामिल हैं. कुछ ही दिनों में स्थिति इतनी ज्यादा बिगड़ जाती है कि फेफड़ों में तरल पदार्थ भर जाने से सांस लेना भारी हो जाता है. लो ब्लड प्रेशर और लगातार सूखी खांसी इंसान को मौत के मुंह में धकेल देती है.