'पाकिस्तान को झूठी बातें फैलाने की आदत है', कश्मीर मुद्दे पर UN में भारत ने पाक को दिखाया आईना

संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने पाकिस्तान द्वारा कश्मीर मुद्दा उठाए जाने पर कड़ा विरोध जताया. भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर भी पाकिस्तान को घेरा और सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग दोहराई.

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Km Jaya

नई दिल्ली: भारत ने एक बार फिर दुनिया के सामने पाकिस्तान के बेबुनियाद दावों को बेनकाब किया है. UN में भारत के परमानेंट रिप्रेजेंटेटिव पर्वतनेनी हरीश ने यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली यानी UNGA में साफ कहा कि पाकिस्तान का कश्मीर मुद्दा उठाना पूरी तरह से गलत है. पाकिस्तान के कश्मीर मुद्दा उठाने के बारे में उन्होंने कहा कि किसी तीसरे देश को इस पर कमेंट करने का हक नहीं है क्योंकि यह भारत का एक अहम हिस्सा है.

शुक्रवार को UNGA में सिक्योरिटी काउंसिल की सालाना रिपोर्ट पर बोलते हुए, पर्वतनेनी हरीश ने 2027-28 के लिए UN सिक्योरिटी काउंसिल के पांच नए चुने गए सदस्यों ऑस्ट्रिया, किर्गिस्तान, पुर्तगाल, त्रिनिदाद और टोबैगो और जिम्बाब्वे को बधाई दी. उन्होंने कहा कि सिक्योरिटी काउंसिल की इंटरनेशनल शांति और सिक्योरिटी बनाए रखने की एक बड़ी जिम्मेदारी है. इसलिए भारत कुछ बातें साफ-साफ कहना चाहता है.

पर्वतनेनी हरीश ने क्या कहा?

अपनी स्पीच में पी. हरीश ने कहा, 'पाकिस्तान ने जम्मू और कश्मीर का जिक्र किया है, जो पूरी तरह से भारत का अंदरूनी मामला है. यह मुझे जवाब देने के लिए मजबूर करता है. पाकिस्तान ने अपने बांटने वाले पॉलिटिकल फायदों के लिए यूनाइटेड नेशंस के जाने-माने फोरम का गलत इस्तेमाल करने का अपना तरीका जारी रखने का फैसला किया है.'

उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान ने सिक्योरिटी काउंसिल में अपनी मौजूदगी का गलत इस्तेमाल किया है, जिसमें गुमराह करने वाली जानकारी फैलाना भी शामिल है. यह रवैया पूरी तरह से मंजूर नहीं है. मैं पाकिस्तान को याद दिलाना चाहता हूं कि यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल का मेंबर होना एक बड़ी जिम्मेदारी है. यह एकतरफा और झूठी जानकारी फैलाने का प्लेटफॉर्म नहीं है.

मैं साफ और जोर देकर कहना चाहता हूं कि जम्मू और कश्मीर भारत का एक अहम हिस्सा है और हमेशा रहेगा. पाकिस्तान की खोखली बातें और झूठे दावे इस बुनियादी सच को नहीं बदलेंगे.

पाकिस्तान को मैसेज देते हुए क्या कहा?

पी. हरीश ने पाकिस्तान को मैसेज देते हुए कहा, 'मैं यह साफ कर देना चाहता हूं. जम्मू और कश्मीर हमेशा से भारत का एक अभिन्न और अटूट हिस्सा रहा है और रहेगा. इसके उलट कोई भी दावा बेबुनियाद और ऐतिहासिक तथ्यों के खिलाफ है. पाकिस्तान की खोखली बातें और झूठे दावे इस बुनियादी सच्चाई को नहीं बदलेंगे.'

पी. हरीश ने यह भी कहा कि सिक्योरिटी काउंसिल की सालाना रिपोर्ट एनालिटिकल होनी चाहिए. यह सिर्फ तथ्यों का कलेक्शन नहीं होना चाहिए. रिपोर्ट में सुधार के लिए जगहों और काउंसिल की इंटरनेशनल शांति और सुरक्षा बनाए रखने की मुख्य जिम्मेदारी को पूरा करने में कमियों को खास तौर पर हाईलाइट किया जाना चाहिए.