सिंधु नदी पर भारत के सख्त रुख से बेचैन PAK, SCO में शहबाज ने पानी को बताया 'Lifeblood'

सिंधु जल समझौते पर भारत के सख्त रुख के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने SCO मंच पर पानी के मुद्दे को उठाया. उन्होंने जल संसाधनों को राजनीतिक दबाव या हथियार के रूप में इस्तेमाल न करने की अपील की.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान ने सिंधु जल समझौते का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाया. भारत द्वारा हेग स्थित कोर्ट के फैसले को मानने से इनकार किए जाने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पानी को पूरे क्षेत्र की जीवनरेखा बताया. उन्होंने कहा कि साझा जल संसाधनों को राजनीतिक लाभ, दबाव या किसी तरह के हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.

SCO के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि पानी इस क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण संसाधन है. उनके अनुसार, साझा जल संसाधनों से जुड़े समझौते अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं होते हैं और उनका बिना शर्त पालन किया जाना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि पानी को राजनीतिक दबाव बनाने या दूसरे देशों पर प्रभाव डालने के साधन में नहीं बदला जाना चाहिए.

SCO की अध्यक्षता संभालने के दौरान उठाया मुद्दा

पाकिस्तान ने 2026-27 के लिए SCO की अध्यक्षता संभालने के बाद इस मंच पर जल विवाद का मुद्दा प्रमुखता से रखा. शहबाज शरीफ के बयान को भारत के साथ सिंधु जल समझौते को लेकर चल रहे तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है. पाकिस्तान लगातार विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मामले को उठाता रहा है और समझौते के पालन की मांग करता आया है.


हेग कोर्ट के फैसले पर भारत का सख्त जवाब

यह मामला उस समय और चर्चा में आया जब भारत ने विश्व बैंक की प्रक्रिया से जुड़े हेग स्थित कोर्ट के फैसले को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि सिंधु जल समझौता प्रभावी है और भारत को इससे जुड़ी शर्तों का पालन करना चाहिए. साथ ही जम्मू-कश्मीर के रातले जलविद्युत परियोजना से संबंधित कुछ निर्देश भी दिए गए थे.

भारत ने कोर्ट के अधिकार क्षेत्र को नकारा

भारत ने साफ कहा कि वह इस फैसले को स्वीकार नहीं करता. भारतीय पक्ष का तर्क है कि संबंधित कोर्ट का गठन वैध नहीं है और उसके फैसले का भारत के संप्रभु निर्णयों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. भारत के इस रुख के बाद पाकिस्तान ने SCO मंच से जल समझौते का मुद्दा उठाकर अपनी चिंता सार्वजनिक रूप से सामने रखी.

आतंकवाद के मुद्दे पर भी उठे सवाल

शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में पानी के राजनीतिक इस्तेमाल के खिलाफ जोरदार बात रखी, लेकिन पाकिस्तान की आतंकवाद से जुड़ी नीतियों को लेकर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की. भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर सवाल उठाता रहा है. ऐसे में SCO मंच पर जल मुद्दे को उठाने के साथ पाकिस्तान के रुख पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं.