पीएम शहबाज शरीफ ने US-ईरान को इस्लमाबाद आने का दिया न्यौता, कहा- सभी विवादों को सुलझाना है उद्देश्य
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने यूएस और ईरान को 10 अप्रैल, शुक्रवार को इस्लामाबाद आने का न्योता दिया. जानें पीएम शरीफ ने क्या कहा…
नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच 15 दिन के सीजफायर पर सहमति बन गई है. इस सीजफायर को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को घोषणा करते हुए बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका, ईरान और उनके सभी सहयोगी लेबनान समेत पूरे क्षेत्र में तत्काल युद्धविराम के लिए सहमत हो गए हैं.
बता दें कि पिछले छह हफ्ते से चल रहे युद्ध पर अस्थाई रोक लगा दी गई है. अब दोनों पक्ष बैठकर किसी अंतिम नतीजे पर पहुंच पाएंगे. दोनों पक्षों को बातचीत के लिए एक साथ लाने में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई है. पीएम शहबाज शरीफ ने इस सीजफायर को एक्स पर एक पोस्ट किया है.
PM शहबाज शरीफ ने किया पोस्ट:
PM शहबाज शरीफ ने कहा, "अत्यंत विनम्रता के साथ, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि इस्लामिक गणराज्य ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका, अपने सहयोगियों के साथ मिलकर, लेबनान और अन्य जगहों समेंत हर जगह तत्काल युद्धविराम के लिए सहमत हो गए हैं, जो तुरंत प्रभावी होगा." यहां देखें पोस्ट-
यूएस-ईरान को दिया पाकिस्तान आने का न्यौता:
शहबाज शरीफ ने तेहरान और वाशिंगटन के प्रतिनिधिमंडलों को आगे की बातचीत के लिए शुक्रवार यानी 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद आने का न्योता दिया. इस आमंत्रण का सीधा उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच सभी विवादों को सुलझाना है और स्थायी शांति समझौता करना है. इसके साथ ही PM शरीफ ने दोनों देशों की तारीफ करते हुए कहा है कि दोनों देशों ने समझदारी और सूझबूझ दिखाई है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी इस्लामाबाद वार्ता से स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त होगा.
ईरान का क्या है रुख:
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने भी सीजफायर पर मुहर लगा दी है. उसने दो हफ्ते युद्धविराम को स्वीकार कर लिया है. हालांकि, ईरान ने यह साफ कर दिया है कि इसका मतलब यह नहीं है कि युद्ध खत्म हो गया है. परिषद का कहना है, "इसका अर्थ युद्ध की समाप्ति नहीं है. हमारे हाथ अभी भी ट्रिगर पर हैं और अगर दुश्मन जरा-सी भी गलती करता है तो उसका जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा."