चाल या मजबूरी, कंगाल पाकिस्तान के साथ सऊदी अरब को क्यों करनी पड़ी इतनी बड़ी डिफेंस डील? पांच प्वाइंट में समझें
Pakistan Saudi Arabia Defense Deal: दरअसल, हालिया घटनाओं ने सऊदी को अपनी सुरक्षा कमजोर लगने लगी है. इजरायल ने कतर की राजधानी दोहा में हमास नेताओं पर हमला किया था. अमेरिका ने इस पर निंदा तो की, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाया. Crown Prince Mohammed bin Salman and Pakistani Prime Minister Shahbaz Sharif
Pakistan Saudi Arabia Defense Deal: पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच ऐतिहासिक डिफेंस डील साइन हुई, जिसने एशिया और मिडिल ईस्ट की भू-राजनीति को हिला कर रख दिया है. पाकिस्तान का तो पूरी दुनिया को समझ आया कि वो भारत से बचने और अपनी कंगाली से उबरने के लिए ये सब कर रहा है. लेकिन सऊदी अरब की क्या मजबूरी हो गई. इस समझौते के मुताबिक, अगर पाकिस्तान पर हमला होगा तो सऊदी अरब उसकी मदद करेगा और अगर सऊदी पर हमला होगा तो पाकिस्तान उसके साथ खड़ा होगा. यह व्यवस्था बिल्कुल NATO देशों के सुरक्षा समझौते जैसी है.
यह व्यवस्था बिल्कुल NATO देशों के सुरक्षा समझौते जैसी है. इस पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मुहर लगाई. पाकिस्तान का इंट्रेस्ट साफ है भारत से सीमा तनाव और ऑपरेशन सिंदूर ने उसे डरा रखा है. 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह कड़ी सैन्य कार्रवाई की, उससे पाकिस्तान की सीमाएं हिल गईं और उसने तुरंत सऊदी अरब जैसा ताकतवर सहयोगी खोज लिया.
क्या है वजह?
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर तेल और डॉलर में डूबा सऊदी अरब पाकिस्तान जैसे कंगाल देश से क्यों जुड़ा? दरअसल, हालिया घटनाओं ने सऊदी को अपनी सुरक्षा कमजोर लगने लगी है. इजरायल ने कतर की राजधानी दोहा में हमास नेताओं पर हमला किया था. अमेरिका ने इस पर निंदा तो की, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाया. इसी से सऊदी की चिंता और बढ़ गई कि अगर इजरायल उसके खिलाफ कोई कदम उठाए, तो क्या अमेरिका उसकी रक्षा करेगा? इस शंका ने सऊदी को पाकिस्तान जैसा परमाणु संपन्न देश सहयोगी बनाने को मजबूर कर दिया. साथ ही ईरान से दुश्मनी, इस्लामिक देशों को एकजुट करना और अपने खिलाफ बढ़ते खतरे सऊदी के लिए मुख्य वजहें बनीं.
5 वजहें, क्यों सऊदी अरब ने पाकिस्तान से की डिफेंस डील
- इजरायल का हमला: कतर की राजधानी दोहा में हमास नेताओं पर इजरायल का अटैक.
- ईरान से तनाव: सऊदी और ईरान के रिश्ते लंबे समय से तल्ख.
- अमेरिकी भरोसा डगमगाया: सुरक्षा गारंटी पर अब सऊदी को अमेरिका पर भरोसा नहीं.
- पाकिस्तान की ताकत: परमाणु संपन्न देश होने से पाकिस्तान रणनीतिक सहयोगी.
- इस्लामिक एकजुटता: मुस्लिम देशों को जोड़ने की कोशिश में सऊदी का बड़ा कदम.
और पढ़ें
- US troops in Bangladesh: बांग्लादेश में उतरी अमेरिकी फौज, म्यांमार पहुंची भारतीय सेना की टुकड़ी! क्या भारत के पड़ोसी देशों में ऑल गुड?
- जैश कमांडर ने असिम मुनीर की खोली पोल! 'ऑपरेशन सिंदूर' में मारे गए आतंकियों को सैन्य सलामी देने का पाक GHQ से था आदेश
- 'हम रिश्वत के लिए बदनाम हैं, लेकिन अमेरिकी राजनेता खुलेआम...', पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की एक और अजीबोगरीब टिप्पणी