पाकिस्तान में पहली बार हिंदू महिला लड़ेगी आम चुनाव, PPP ने सवेरा प्रकाश को बनाया उम्मीदवार
हिंदू समुदाय की सवेरा प्रकाश अपने पिता के नक्शेकदम पर राजनीति में आईं हैं. सवेरा के पिता ओम प्रकाश पिछले 35 सालों से पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के एक्टिव सदस्य हैं.
Pakistan General elections 2024 Saveera Parkash: पाकिस्तान में आम चुनाव के लिए पहली बार हिंदू महिला ने नामांकन दाखिल किया है. खैबर पख्तूनख्वा की 25 साल की डॉक्टर सवेरा प्रकाश को पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने अपना उम्मीदवार बनाया है. डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, सवेरा प्रकाश ने खैबर पख्तूनख्वा के बुनेर जिले की पीके-25 सीट से नामांकन दाखिल किया है. पीके-25 सीट सामान्य सीट है. बता दें कि पाकिस्तान में 16वीं नेशनल असेंबली के सदस्यों के चुनाव के लिए 8 फरवरी, 2024 को आम चुनाव होने हैं.
हिंदू समुदाय की सवेरा प्रकाश अपने पिता के नक्शेकदम पर राजनीति में आईं हैं. सवेरा के पिता ओम प्रकाश पिछले 35 सालों से पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के एक्टिव सदस्य हैं. डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, कौमी वतन पार्टी से जुड़े नेता सलीम खान ने बताया कि सवेरा प्रकाश बुनेर से सामान्य सीट पर आगामी चुनाव के लिए नामांकन पत्र जमा करने वाली पहली महिला हैं.
एबटाबाद मेडिकल कॉलेज से ग्रैजुएट हैं सवेरा प्रकाश
सवेरा प्रकाश, एबटाबाद इंटरनेशनल मेडिकल कॉलेज से 2022 में ग्रैजुएट हैं. वे बुनेर में पीपीपी महिला विंग के महासचिव के रूप में कार्यरत हैं. नामांकन दाखिल करने से पहले सवेरा प्रकाश ने अपने समुदाय के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को व्यक्त किया और महिलाओं की बेहतरी के लिए काम करने, उनके लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने और उनके अधिकारों की वकालत करने की बात कही.
डॉन के साथ एक इंटरव्यू में, सवेरा प्रकाश ने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए क्षेत्र के वंचितों के लिए काम करने की अपनी इच्छाओं के बारे में बात की, उन्होंने 23 दिसंबर को अपना नामांकन पत्र जमा किया और उम्मीद जताई कि पीपीपी का सीनियर नेतृत्व उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करेगा.
सवेरा बोलीं- मानवता की सेवा मेरे खून में है
मेडिकल फील्ड से आने वालीं सवेरा प्रकाश ने कहा कि मानवता की सेवा मेरे खून में है. उन्होंने बताया कि मेडिकल करियर के दौरान सरकारी अस्पतालों की अव्यवस्था सामने आई, जिसके बाद मेरे मन में चुनाव लड़ने का ख्याल आया. बता दें कि पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) के हालिया संशोधनों में सामान्य सीटों पर पांच प्रतिशत महिला उम्मीदवारों को शामिल करना अनिवार्य है.