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‘अगर तुम हमारा पानी रोकेंगे तो हम तुम्हारी सांस रोक देंगे’, पाक आर्मी के प्रवक्ता ने हाफिज सईद का बयान दोहरा खोली खुद की पोल

लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी का यह बयान दोनों देशों के बीच पहले से चले आ रहे तनाव को और गहरा सकता है. भारत ने हमेशा से आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, और इस तरह के बयानों को वह गंभीरता से लेता है.

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Edited By: Mayank Tiwari
‘अगर तुम हमारा पानी रोकेंगे तो हम तुम्हारी सांस रोक देंगे’, पाक आर्मी के प्रवक्ता ने हाफिज सईद का बयान दोहरा खोली खुद की पोल
Courtesy: Social Media

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने हाल ही में भारत के खिलाफ उग्र और नफरत भरे बयान दिए, जो 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की भड़काऊ भाषा की याद दिलाते हैं.  वहीं, इसका वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की एक यूनिवर्सिटी में बोलते हुए पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को निलंबित करने पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, "अगर तुम हमारा पानी रोक दोगे, तो हम तुम्हारा सांस बंद कर देंगे." यह बयान पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के कड़े रुख के जवाब में आया, जिसने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया.

सिंधु जल संधि पर विवाद

विश्व बैंक की मध्यस्थता में बनी सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और इसकी पांच सहायक नदियों सतलुज, ब्यास, रावी, झेलम और चिनाब के जल बंटवारे और प्रबंधन को नियंत्रित करती है. यह संधि दोनों परमाणु-संपन्न पड़ोसियों के बीच नियमित सूचना आदान-प्रदान को भी अनिवार्य करती है. हालांकि, भारत ने बार-बार स्पष्ट किया है कि "खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते." 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 23 अप्रैल को पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदमों की घोषणा की.

भारत का जवाब: ऑपरेशन सिंदूर और नीतिगत कदम

भारत ने पहलगाम हमले के बाद सिंधु जल संधि को तब तक निलंबित करने का फैसला किया, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता. इसके अलावा, अटारी सीमा पर इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया. 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकवाद से संबंधित ठिकानों को निशाना बनाया गया.