पाकिस्तान ने मांगे तीन नोबेल शांति पुरस्कार! शहबाज, आसिम मुनीर और इशाक डार को बनाना चाहता है 'पीसमेकर'

पाकिस्तान की पंजाब असेंबली में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख आसिम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार को नोबेल शांति पुरस्कार देने का प्रस्ताव पेश किया गया है. प्रस्ताव में इन तीनों को अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव कम करने का श्रेय दिया गया है. यह मांग ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान खुद कई संकटों से जूझ रहा है.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: पाकिस्तान ने एक बार फिर खुद को वैश्विक शांति का दूत बताने की कोशिश की है. पंजाब विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया गया है जिसमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार को नोबेल शांति पुरस्कार देने की सिफारिश की गई है.

प्रस्ताव के मुताबिक इन तीनों नेताओं ने अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को कम करने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है. यह प्रस्ताव पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के चीफ व्हिप राणा मोहम्मद अरशद द्वारा सदन में रखा गया. पाकिस्तान इस समय खुद आर्थिक और राजनीतिक संकट से गुजर रहा है, लेकिन सत्ताधारी दल इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांतिप्रिय देश के रूप में पेश करने में लगा है.

तीन नेताओं को नोबेल देने का प्रस्ताव

पंजाब असेंबली में पेश प्रस्ताव में कहा गया है कि शहबाज शरीफ, आसिम मुनीर और इशाक डार की 'प्रभावी कूटनीति' ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता का मार्ग प्रशस्त किया है. प्रस्ताव के अनुसार इन तीनों नेताओं ने इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने में प्रमुख भूमिका निभाई. सदन ने सर्वसम्मति से इन प्रयासों की सराहना की और मांग की कि इन नेताओं को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया जाए. प्रस्ताव में पाकिस्तान को एक रचनात्मक और संतुलित भूमिका निभाने वाला शांतिप्रिय देश बताया गया है.

पाकिस्तान की शांतिप्रिय छवि बनाने की कोशिश

प्रस्ताव में जोर दिया गया कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में शांतिप्रिय राष्ट्र की छवि बनाई है. विधायकों का कहना है कि इन तीनों नेताओं के प्रयासों से वैश्विक स्तर पर एक बड़ा युद्ध टल गया. असेंबली ने मांग की है कि इन प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी जाए और नोबेल शांति पुरस्कार के लिए औपचारिक नामांकन भेजा जाए. यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान खुद गहरे आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और अन्य चुनौतियों से जूझ रहा है.

प्रस्ताव कौन लेकर आया?

यह प्रस्ताव पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के चीफ व्हिप राणा मोहम्मद अरशद द्वारा पेश किया गया. सदन में इसे सर्वसम्मति से पास करने की बात कही गई है. प्रस्ताव के पाठ में विशेष रूप से अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच तनाव का जिक्र किया गया और पाकिस्तान के नेतृत्व को इसका श्रेय दिया गया. यदि यह नामांकन आगे बढ़ता है तो पाकिस्तान इसे अपनी बड़ी कूटनीतिक सफलता के रूप में पेश कर सकता है.

वास्तविकता और संदर्भ

पाकिस्तान इस समय खुद कई आंतरिक समस्याओं से घिरा हुआ है. आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा चुनौतियां उसके सामने हैं. फिर भी सत्ताधारी दल अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को शांति का दूत बताने की कोशिश कर रहा है. प्रस्ताव में कहा गया है कि पाकिस्तान ने क्षेत्रीय शांति के लिए रचनात्मक भूमिका निभाई है. अब देखना होगा कि यह नामांकन कितना आगे बढ़ता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे कितनी गंभीरता से लिया जाता है.