'ईरान-युद्ध का लक्ष्य अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलना हो गया?', पाक के रक्षा मंत्री ने अमेरिका पर कसा तंज
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने अमेरिका पर तंज कसा है. उन्होंने इस युद्ध को केवल होर्मुज की लड़ाई बताते हुए कहा कि अब इस युद्ध का मकसद केवल होर्मुज खोलना रह गया है.
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बची पाकिस्तान ने अमेरिका पर तीखा तंज कसा है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि ऐसा लगता है कि युद्ध का मूल उद्देश्य बदल गया. अब पूरा ध्यान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने पर केंद्रित हो गया है. आसिफ का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है और बातचीत की मेजबानी करने की इच्छा जताई है.
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि ऐसा लगता है कि युद्ध का लक्ष्य अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलना हो गया है, जो युद्ध शुरू होने से पहले भी खुला था. उन्होंने अमेरिकी रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि शुरुआती लक्ष्यों से ध्यान हटकर अब समुद्री मार्ग पर जोर दिया जा रहा है.
डोनाल्ड ट्रंप ने साथ आने का किया था आह्वान
पाकिस्तान की यह टिप्पणी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस अपील के बाद आई है, जिसमें उन्होंने विभिन्न देशों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने के लिए साथ आने का आह्वान किया था. ईरान लगातार यह धमकी दे रहा है कि वह इस रास्ते को अमेरिका और उसके समर्थन में खड़े देशों के लिए नहीं खोलेगा. जिससे वैश्विक ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई और तेल की कीमतों में उछाल आया.
इतना ही नहीं ईरान ने बुधवार को युद्धविराम के अमेरिकी प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया और इजरायल तथा खाड़ी के अरब देशों पर अपने जवाबी हमले तेज कर दिए. ईरान ने कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया, जिससे वहां भीषण आग लग गई.
समझौते के लिए तैयार नहीं ईरान
ईरानी सरकार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम अमेरिका के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करते हैं और युद्ध तभी खत्म होगा जब तेहरान खुद ऐसा चाहेगा, जब उसकी सभी शर्तों को पूरी की जाएगी. जब तक हमारी मांगों को मान नहीं लिया जाता है तबतक ईरान पश्चिम एशिया में अपने जोरदार हमले जारी रखेगा.
ईरान ने अमेरिका के 15-सूत्री युद्धविराम योजना को बेतुका बताते हुए अस्वीकार कर दिया है. ईरान की ओर से पेश किए गए शर्तों में तेहरान की अपनी शर्तों में युद्ध में मारे गए अधिकारियों की हत्या बंद करना, भविष्य में कोई हमला न होने की गारंटी, युद्ध की क्षतिपूर्ति और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी संप्रभुता शामिल है. होर्मुज से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल का एक्सपोर्ट किए जाते हैं. जिसके कारण इस रास्ते पर दुनयिा की अर्थव्यवस्था टिकी हुई है.
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