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पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर फिर तनातनी, PAK आर्मी ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे 54 आतंकवादियों को मार गिराया

यह घटना अफगान सीमा पर उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के एक जिले उत्तरी वजीरिस्तान के पास घटित हुई. जहां पाकिस्तानी सैनिकों ने उत्तरी वजीरिस्तान के पास 54 "आतंकियों" को मार गिराया.

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Mayank Tiwari

पाकिस्तानी सेना ने रविवार (27 अप्रैल) को घोषणा की कि उसने तालिबान शासित अफगानिस्तान से सटे उत्तरी वजीरिस्तान के पास 54 "आतंकियों" को मार गिराया, जो अवैध रूप से सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे. यह घटना खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के अशांत जिले उत्तरी वजीरिस्तान में हुई. सेना ने दावा किया कि खुफिया रिपोर्टों में मारे गए आतंकियों को "ख्वारिज" के रूप में पहचाना गया, जो पाकिस्तानी तालिबान के लिए संघीय सरकार द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है.

विदेशी साजिश का आरोप

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी देश का नाम लिए दावा किया कि मारे गए "आतंकियों" को उनके "विदेशी आकाओं" ने पाकिस्तान के भीतर बड़े आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए भेजा था. पाकिस्तानी तालिबान, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के नाम से जाना जाता है, अफगान तालिबान का सहयोगी माना जाता है. अगस्त 2021 में अफगान तालिबान के अमेरिकी बलों से सत्ता हथियाने के बाद TTP ने पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ अपनी लड़ाई को तेज कर दिया है.

पहले भी आतंकी हो चुके हैं ढेर

इससे पहले, 21 मार्च को पाकिस्तानी सेना ने खैबर पख्तूनख्वा के डेरा इस्माइल खान शहर में एक ठिकाने पर छापेमारी के दौरान नौ आतंकियों को मार गिराया था. जहां सभी को "ख्वारिज" के रूप में चिह्नित किया गया. बता दें कि,  यह कार्रवाई सीमा पार करने की कोशिश कर रहे आठ आतंकियों के मारे जाने के बाद हुई थी. मारे गए आतंकियों में एक प्रमुख आतंकी शिरीन भी शामिल था, जिस पर पिछले महीने सेना के कैप्टन हसनैन अख्तर की हत्या का आरोप था.

अफगान तालिबान को चेतावनी

पाकिस्तान के अफगानिस्तान मामलों के विशेष प्रतिनिधि मोहम्मद सादिक ने अफगान तालिबान से TTP को पाकिस्तान में हमले करने से रोकने की अपील की. इस्लामाबाद में एक सेमिनार के दौरान टेलीविजन पर दिए बयान में सादिक ने चेतावनी दी, "अफगानिस्तान को इस पर हमारे साथ काम करना होगा. अगर वे इस पर काम नहीं करते, तो सारे समझौते रद्द हो जाएंगे.