Pakistan Army Headquarter: पाकिस्तानी सेना का हेडक्वार्टर मरगला हिल्स में क्यों हुआ शिफ्ट? भारत का डर या फिर कुछ और...
Pakistan Army Headquarter: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में भय और भगदड़ का माहौल है. पाकिस्तानी सेना ने अपने जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) को रावलपिंडी से इस्लामाबाद की मरगला पहाड़ियों में शिफ्ट कर रही है. यह हेडक्वार्टर 10 किलोमीटर लंबी सुरंग में बनाया जा रहा है ताकि भारतीय वायुसेना के मिसाइल हमलों से बचा जा सके.
Pakistan Army Headquarter: भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में भय और भगदड़ का माहौल है. पाकिस्तानी सेना इतनी डरी हुई है कि वह अपने जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) को रावलपिंडी से इस्लामाबाद की मरगला पहाड़ियों में शिफ्ट कर रही है. यह हेडक्वार्टर 10 किलोमीटर लंबी सुरंग में बनाया जा रहा है ताकि भारतीय वायुसेना के मिसाइल हमलों से बचा जा सके. आइए, जानते हैं कि यह शिफ्टिंग क्यों हो रही है और इसका कारण क्या है.
10 मई 2025 को भारतीय वायुसेना ने रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर हमला कर उसे तबाह कर दिया. यह एयरबेस पाकिस्तानी सेना के GHQ से बेहद करीब है. इस हमले ने पाकिस्तानी सेना को हिलाकर रख दिया. अब खबर है कि सेना अपने हेडक्वार्टर को मरगला हिल्स में ले जा रही है. पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार ने कहा कि 18 मई को सीजफायर खत्म हो रहा है, जिसके बाद भारत फिर से हमला कर सकता है. इस डर से सेना प्रमुख असीम मुनीर सहित बड़े अधिकारी अंडरग्राउंड होने की तैयारी में हैं.
मरगला हिल्स में पाक का नया हेडक्वार्टर
पाकिस्तानी सेना का मौजूदा हेडक्वार्टर रावलपिंडी के चकलाला में है. अब इसे 25 किलोमीटर दूर इस्लामाबाद की मरगला पहाड़ियों में शिफ्ट किया जा रहा है. यह प्रोजेक्ट 2004 में परवेज मुशर्रफ ने शुरू किया था, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद इसे तेजी से पूरा किया जा रहा है. नया हेडक्वार्टर 10 किलोमीटर लंबी सुरंग में बनाया गया है, जो मिसाइल और बम हमलों से सुरक्षित है. यह स्थान पाकिस्तानी वायुसेना के बेस से 3 किलोमीटर और नौसेना मुख्यालय से 6 किलोमीटर दूर है.
क्यों चुनी गई मरगला हिल्स?
मरगला पहाड़ियों की तलहटी में बनाया गया यह अंडरग्राउंड हेडक्वार्टर मिसाइल हमलों से सुरक्षित है. यहां 6 बेडरूम वाले 90 बंगले, 4 बेडरूम वाले 300 घर, 14,750 लग्जरी अपार्टमेंट और बहुमंजिला शॉपिंग कॉम्पलेक्स हैं. सेना के बड़े अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिवार यहीं रहेंगे. पुराना एयरपोर्ट रोड और इस्लामाबाद एक्सप्रेस-वे से होते हुए यह हेडक्वार्टर बनाया गया है. इसकी सुरक्षा और रणनीतिक स्थिति इसे भारतीय हमलों से बचाने में मदद करेगी.
प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है. राजनाथ सिंह ने इसे 'महज ट्रेलर' बताया और कहा कि 'पूरी पिक्चर अभी बाकी है.' इस बयान ने पाकिस्तान में डर बढ़ा दिया है. पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर ने दावा किया कि भारत ने JF-17 लड़ाकू विमान बनाने वाली फैक्ट्री पर हमले की योजना बनाई थी, हालांकि इसे फिलहाल टाल दिया गया.
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