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अब नहीं थमेगा थर्ड वर्ल्ड वॉर! पोलैंड पर रूसी ड्रोन हमले से यूरोप में बढ़ा तनाव, रातों-रात NATO का एक्शन

रूस और यूक्रेन के बीच चल रही लड़ाई अब पोलैंड तक पहुंच चुकी है. रूस ने आधीरात जब यूक्रेन पर ताबड़तोड़ हमला किया तो उसका कुछ ड्रोन पोलैंड की धरती पर पहुंच गया. जिसके बाद पोलैंड की ओर से भी नाटों के समर्थन से आधिकारिक कार्रवाई की गई.

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Shanu Sharma

Poland Between Ukraine and Russia War: रूस और यूक्रेन के बीच दो सालों से भी ज्यादा समय से चल रहा संघर्ष अब विश्व युद्ध का रूप लेता जा रहा है. रूस ने रातों-रात यूक्रेन के पड़ोसी देश पोलैंड पर हवाई हमला कर दिया. जिसके बाद पहली बार इन दो देशों की लड़ाई में तीसरे देश की ओर से भी हमला किया गया. 

यूक्रेन और रूस के बीच दो सालों से भी ज्यादा समय से रूक-रूक कर युद्ध जारी है. हालांकि ऐसा पहली बार हुआ जब पोलैंड पर हवाई हमले किए गए. इन ड्रोन हमलों को हवाई क्षेत्र का उल्लंघन बताते हुए पोलैंड की ओर से भी पलटवार किया. पहली बार ऐसा हुआ है जब नाटों के किसी सदस्य ने रूसी ठिकानों पर हमला किया हो. 

नाटो के अनुच्छेद 4 का हुआ इस्तेमाल

नाटों में कुल 32 देश शामिल है. जिसमें पोलैंड के साथ-साथ अमेरिका और यूनाइटेंड किंगडम जैसे बड़े देश शामिल है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि पोलिश सेना की ओर से नाटो के अनुच्छेद 4 का इस्तेमाल करते हुए रातोंरात कई ड्रोन मार गिराए. इस अनुच्छेद का इस्तेमाल दूसरे विश्व युद्ध के बाद पहली बार पूरी तरह से किया गया है. यह संघर्ष तब बढ़ गया जब रूस की ओर से यूक्रेन के खिलाफ सबसे बड़ा हवाई हमला किया गया. रूस ने एक साथ सैंकड़ों ड्रोन को कीव और ल्वीव सहित शहरों पर छोड़ दिया. इस दौरान कुछ ड्रोन पोलैंड के अंदर घुस गए. जिसकी वजह से पोलैंड ने अपने वारसॉ हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया. साथ ही रातों रात नीदरलैंड और जर्मनी सहित नाटो सहयोगियों के साथ विमानों को तैनात करना पड़ा.

पोलैंड के प्रधानमंत्री ने क्या कहा?

पोलैंड के प्रधानमंत्री टस्क ने तीसरे विश्व युद्ध की चेतावनी देते हुए कहा कि संसद को बताया कि पोलैंड अब द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से किसी भी समय की तुलना में खुले संघर्ष के सबसे करीब है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मेरे पास यह दावा करने का कोई कारण नहीं है कि हम युद्ध के कगार पर हैं, लेकिन एक हद पार हो गई है. रूस और यूक्रेन के बीच 2022 से चल रही लड़ाई के बीच पहली बार पोलैंड ने नाटो के अनुच्छेद 4 को लागू किया है. साथ ही पोलैंड की ओर से अपनी सुरक्षा के लिए सहयोगी देशों से परमार्श मांगी गई है. पोलिश रक्षा मंत्री ने रूस की ओर से किए गए हमले के बारे में बताते हुए कहा कि यूक्रेन पर रात भर हो रही बमबारी के दौरान 10 से ज्यादा ड्रोन पोलैंड क्षेत्र में घुस गई. इन ड्रोनों को नाटो बलों की मदद से नष्ट किया गया. जिसके टुकड़े भी प्राप्त किए गए हैं. 

क्या कहता है नाटो का नियम?

नाटों एक 32 देशों का समूह है. जिसका यह मानना है कि अगर इसमें से किसी एक देश पर भी हमला किया जाता है तो इस हमले को सभी 32 देशों के खिलाफ माना जाएगा. ऐसी परिस्थिति में रूस द्वारा पोलैंड पर छोड़ गए ड्रोन की वजह से अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह सभी देश एक साथ आकर रूस को जवाब देंगे. हालांकि यूक्रेन और रूस दोनों में से कोई भी इस समूह का हिस्सा नहीं है. लेकिन यूक्रेन के पड़ोसी होने की वजह से पोलैंड को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है. यूक्रेन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक रूस ने एक रात में लगभग 415 ड्रोन हमले किए वहीं 40 से ज्यादा मिसाइलें भी छोड़ी है.