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नॉर्थ कोरिया कब कर सकता है परमाणु हमला? संविधान में किम जोंग उन की हत्या तक का जिक्र

नॉर्थ कोरिया ने अपने परमाणु कानून में बड़ा बदलाव किया है. अब किम जोंग उन की हत्या या कमांड सिस्टम नष्ट होने की स्थिति में सेना स्वतः परमाणु हमला कर सकती है. जानिए किन परिस्थितियों में उत्तर कोरिया न्यूक्लियर अटैक कर सकता है.

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Dhiraj Kumar Dhillon

नॉर्थ कोरिया ने अपने संविधान और परमाणु कानूनों में बड़ा बदलाव किया है. नए संसोधन के मुताबिक अगर देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की हत्या हो जाती है, या विद्रोही हमले में देश की कमांड व्यवस्था तबाह हो जाती है तो सेना बिना किसी अतिरिक्त आदेश के स्वतः परमाणु हमला कर सकती है. इस बदलाव ने पूरी दुनिया की चिंताएं बढ़ा दी है. अब सवाल उठ रहा है कि आखिर उत्तर कोरिया किन परिस्थितियों में परमाणु हथियार इस्तेमाल कर सकता है.

2013 के कानून में क्या प्रावधान था?

यूरोन्यूज के मुताबिक साल 2013 में बनाए गए कानून में उत्तर कोरिया ने खुद को परमाणु शक्ति घोषित करते हुए कहा था कि वह केवल दुश्मन देशों के परमाणु हमलों को रोकने या जवाबी कार्रवाई के लिए परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेगा. उस समय उत्तर कोरिया की नीति मुख्य रूप से रक्षात्मक परमाणु रणनीति पर आधारित थी.

2022 में हुए थे बड़े बदलाव

साल 2022 में उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु कानून में कई नए प्रावधान जोड़े. इसके बाद देश ने साफ कर दिया क‌ि जरूरत पड़ने पर वह पहले भी परमाणु हमला कर सकता है.

इन परिस्थितियों में कर सकता है परमाणु हमला

  • अगर उत्तर कोरिया को लगे क‌ि उस पर परमाणु हमला होने वाला है. 
  • य‌दि किसी दुश्मन देश द्वारा जैविक, रासायनिक या बड़े पैमाने पर विनाशकारी हथियारों के हमले की तैयारी की जा रही हो.
  • मिसाइल बेस, परमाणु केंद्र  या सैन्य कमांड सिस्टम जैसे रणनीतिक ठिकानों पर खतरा होने पर.
  • अगर किम जोंग उन या शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाए जाए.
  • दुश्मन की ओर से तत्काल हमले के संकेत मिलने पर.
  • यदि कोई गैर परमाणु देश किसी परमाणु शक्ति के साथ मिलकर हमला करे.

अब क्या नया बदलाव किया गया?

उत्तर कोरिया की 15वीं सुप्रीम पीपुल्स असेंबली की बैठक 22 मार्च को प्योंगयांग में हुई थी. इसी बैठक में परमाणु कानून में नया संसोधन पारित किया गया. दक्षिण कोरिया की नेशनल इंटेलीजेंस सर्विस के मुताबिक अब यदि दुश्मन के हमले से न्यूक्लियर फोर्सेस का नियंत्रण खतरे में पड़ता है तो उत्तर कोरिया तत्काल और स्वतः परमाणु हमला कर सकता है. इसका मतलब है कि यदि किम जोंग उन के कमांड सिस्टम को नि‌ष्क्रिय कर दिया जाता है तो सेना को अलग से आदेश का इंतजार नहीं करना होगा और परमाणु हथियार अपने आप लांच किए जा सकते हैं.

क्यों बढ़ी दुनिया की चिंता?

विशेषज्ञों के मुताबिक इस नए कानून के बाद किसी भी सैन्य तनाव के दौरान गलत आकलन या तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में परमाणु युद्ध का खतरा बढ़ सकता है. यही वजह है कि उत्तर कोरिया की नई परमाणु नीति को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहद खतरनाक माना जा रहा है.