'यह देश पसंद नहीं तो यहां से चले जाइए', पूर्व अमेरिकी राजदूत निक्की हेली के बेटे ने प्रवासियों पर निकाली भड़ास
निक्की हेली के बेटे नलिन हेली ने कहा कि अमेरिका में युवाओं को नौकरी और घर पाना मुश्किल हो गया है. उन्होंने कानूनी और अवैध दोनों प्रवास रोकने की मांग की, ताकि अमेरिकी नागरिकों को प्राथमिकता मिले.
नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली के बेटे नलिन हेली ने एक बयान में कहा कि अमेरिका को सिर्फ अवैध आव्रजन (illegal immigration) ही नहीं, बल्कि कानूनी आव्रजन (legal immigration) को भी रोक देना चाहिए. 24 वर्षीय नलिन ने कहा कि आज अमेरिका में युवा नौकरी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, और विदेशी नागरिकों के आने से यह समस्या और बढ़ रही है.
नलिन ने ब्रिटिश प्लेटफॉर्म अनहर्ड (UnHerd) से बातचीत में कहा, 'हम सिर्फ अवैध प्रवास को नहीं रोक सकते, हमें कानूनी प्रवास पर भी रोक लगानी चाहिए.' उन्होंने बताया कि उनके कई दोस्तों ने अच्छे स्कूलों से पढ़ाई की है, लेकिन फिर भी उन्हें नौकरी नहीं मिल रही. उन्होंने कहा कि डेढ़ साल बीत चुका है और मेरे किसी भी दोस्त के पास नौकरी नहीं है. मैं उन्हें काम ढूंढने में मदद करता हूँ, लेकिन यह निराशाजनक है. पहले की पीढ़ी को इतनी कठिनाई नहीं झेलनी पड़ती थी.
'अमेरिकी युवाओं का गुस्सा वाजिब'
उन्होंने कहा कि जब विदेशी लोग अमेरिका में आकर नौकरियां हासिल करते हैं, तो अमेरिकी युवाओं का गुस्सा वाजिब है. अगर मेरे दोस्त गुस्सा होते हैं, तो यह बिल्कुल सही है, क्योंकि वे अपनी मेहनत के बावजूद पीछे रह जाते हैं.
नलिन एक राजनीतिक रूप से सक्रिय परिवार से हैं. उनकी मां निक्की हेली दक्षिण कैरोलिना की गवर्नर रह चुकी हैं और डोनाल्ड ट्रंप सरकार में संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत भी थीं. उनके दादा-दादी भारत से सिख प्रवासी थे, हालांकि बाद में परिवार ने कैथोलिक धर्म अपना लिया.
प्रवासियों के खिलाफ नलिन हेली का सख्त रुख
हालांकि भारतीय मूल के इस परिवार का अमेरिका की राजनीति में बड़ा नाम है, लेकिन नलिन हेली ने भारत सहित अन्य देशों से आने वाले प्रवासियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने एच-1बी वीजा खत्म करने की बात कही है. यह वीजा मुख्य रूप से भारत जैसे देशों के कुशल पेशेवरों को दिया जाता है.
उन्होंने कहा कि जब तक हर अमेरिकी को नौकरी, स्वास्थ्य सुविधा और स्थिर जीवन नहीं मिल जाता, तब तक विदेशी सहायता रोक देनी चाहिए. नलिन ने बताया कि उन्हें लगता है कि वे कभी अपना घर नहीं खरीद पाएंगे. उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता ने अपना पहला घर 90,000 डॉलर में लिया था, जिसकी कीमत अब करीब 4 लाख डॉलर है. अब हमारे जैसे लोग घर कैसे खरीदें?
एक इंटरव्यू में नलिन से जब पत्रकार मेहदी हसन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अगर कोई अमेरिका से नफरत करता है, तो उसे वहां नहीं रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर आपको यह देश पसंद नहीं है, तो यहां से चले जाइए.