'मैं न होता तो जेल में होते', नेतन्याहू को ट्रंप ने क्यों लगाई लताड़, जानें इजराइली पीएम पर चल रहे हैं कितने केस?

डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से तीखी बहस में कहा कि वे उन्हें जेल जाने से बचा रहे हैं. नेतन्याहू अंतरराष्ट्रीय अदालत के गिरफ्तारी वारंट और इजरायल में भ्रष्टाचार के तीन गंभीर मामलों का सामना कर रहे हैं.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: वैश्विक राजनीति में दोस्ती और दुश्मनी के समीकरण कब बदल जाएं कुछ कहा नहीं जा सकता. ऐसे ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच के एक हालिया वाकये ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है.

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लेबनान पर इजरायल के नए सैन्य हमलों से डोनाल्ड ट्रंप काफी नाराज थे और इसी सिलसिले में उनकी नेतन्याहू से फोन पर तीखी बहस हुई थी. इस बातचीत के दौरान ट्रंप ने नेतन्याहू से यहां तक कह दिया कि 'अगर मैं न होता, तो तुम आज जेल में होते. मैं तुम्हें बचा रहा हूं.' ट्रंप के इस बयान के बाद अब लोग यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर नेतन्याहू किन कानूनी मुसीबतों में फंसे हैं.

2024 में नेतन्याहू के खिलाफ जारी हुआ था वारंट

गौरतलब है कि सबसे बड़ा मामला अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय का है जिसने 2024 में नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. आईसीसी ने उन पर गाजा में युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. अभियोजकों का दावा है कि इजरायली सैन्य अभियानों की वजह से हजारों फिलिस्तीनियों की जान गई और वहां भुखमरी को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया. हालांकि इजरायल इन आरोपों को सिरे से खारिज करता है और उसका कहना है कि यह युद्ध हमास के 7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद शुरू हुआ था.

अंतरराष्ट्रीय दबाव के अलावा नेतन्याहू खुद अपने देश इजरायल में भी भ्रष्टाचार के तीन अलग-अलग गंभीर मामलों का सामना कर रहे हैं. 

केस 1000: इसमें आरोप है कि नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने कुछ बड़े बिजनेसमैन से महंगे गिफ्ट जैसे सिगार और शैंपेन लिए और बदले में उन्हें फायदा पहुंचाया. वहीं नेतन्याहू का कहना है कि यह सिर्फ दोस्तों के बीच दिए गए तोहफे थे.

केस 2000: इसमें आरोप है कि नेतन्याहू ने एक मीडिया मालिक से उनके पक्ष में खबरें छापने की डील की थी ताकि बदले में उनके प्रतिद्वंद्वी अखबार को नुकसान पहुंचाया जा सके. नेतन्याहू इस बात से भी इनकार करते हैं.

केस 4000: इसमें आरोप है कि नेतन्याहू ने संचार मंत्री रहते हुए एक टेलीकॉम कंपनी Bezeq को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया ताकि उनकी न्यूज वेबसाइट पर नेतन्याहू की तारीफ की जाए.

हालांकि नेतन्याहू इन सभी मामलों को राजनीति से प्रेरित बताते हैं लेकिन ट्रंप के इस ताजा बयान ने उनकी कानूनी मुश्किलों पर एक बार फिर दुनिया का ध्यान खींच लिया है.