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नेपाल की भयानक बाढ़ में कैसे बचा यह घर? इंजीनियरिंग ने बचाई परिवार की जान

Nepal Flash Flood: बाढ़ के रास्ते में कई छोटे-बड़े मकान टूट गए, लेकिन एक ग्रीन कलर का एक घर इस भयानक तबाही के बीच खड़ा रहा. इस घर की बालकनी में एक परिवार पानी से घिरा हुआ अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा था. चलिए जानते हैं कि यह इन लोगों की किस्मत थी या फिर कुछ और.

Shilpa Shrivastava
नेपाल की भयानक बाढ़ में कैसे बचा यह घर? इंजीनियरिंग ने बचाई परिवार की जान
Courtesy: X

नई दिल्ली: नेपाल में आई भयानक फ्लैश फ्लड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में तेज रफ्तार पानी के साथ बड़े-बड़े पत्थर, कीचड़ और पेड़ बहते दिखाई दे रहे हैं. बाढ़ के रास्ते में कई छोटे-बड़े मकान टूट गए, लेकिन एक ग्रीन कलर का एक घर इस भयानक तबाही के बीच खड़ा रहा. इस घर की बालकनी में एक परिवार पानी से घिरा हुआ अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा था. 

हैरानी की बात यह है कि तेज बहाव के बावजूद परिवार और घर दोनों सुरक्षित बच गए. ऐसे में लोगों के दिमाग में यह सवाल है कि आखिर इतने मलबे, पानी के बाद भी यह घर खड़ा कैसे रहा. चलिए जानते हैं कि यह इस घर को बनाने के पीछे की तकनीक के बारे में.

क्या रही इस घर के बचने की वजह:

वीडियो सामने आने के बाद लोगों के मन में इस घर को लेकर सवाल लगातार चल रहा है कि इतनी तेज बाढ़ में घर टस से मस कैसे नहीं हुआ. स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे सिर्फ किस्मत नहीं बल्कि मजबूत निर्माण तकनीक भी बड़ी वजह थी. नेपाल की हिमालयी घाटियों में कई घर पत्थरों की चिनाई से बनाए जाते हैं. ऐसे मकान आमतौर पर ऊपर से पड़ने वाले वजन को संभाल सकते हैं, लेकिन तेज पानी और मलबे से आने वाले साइड प्रेशर में कमजोर पड़ सकते हैं.

कंक्रीट फ्रेम ने बचाया घर:

कहा जा रहा है कि इस घर में रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट फ्रेम था. इसमें स्टील की सरिया से कॉलम, बीम और नींव को आपस में मजबूती से जोड़ा गया था. जब पानी और कीचड़ का तेज दबाव घर से टकराया तो इस मजबूत ढांचे ने दबाव को संभाला और उसे जमीन तक पहुंचाया. इससे घर का ढांचा टूटने से बच गया.

घर की जगह भी उसके बचने में महत्वपूर्ण रही. भारी पत्थर और मलबा आमतौर पर पानी के सबसे गहरे और तेज रास्ते से बहता है. यह घर उस मुख्य रास्ते से थोड़ा हटकर और कुछ ऊंची जमीन पर बना था. इस वजह से पानी और मलबा घर के दोनों तरफ से निकल गया. जमा हुआ कीचड़ भी बाद में एक तरह की प्राकृतिक ढाल बन गया, जिससे बाद की लहरों का सीधा दबाव घर पर कम पड़ा.