नई दिल्ली: नेपाल में आई भयानक फ्लैश फ्लड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में तेज रफ्तार पानी के साथ बड़े-बड़े पत्थर, कीचड़ और पेड़ बहते दिखाई दे रहे हैं. बाढ़ के रास्ते में कई छोटे-बड़े मकान टूट गए, लेकिन एक ग्रीन कलर का एक घर इस भयानक तबाही के बीच खड़ा रहा. इस घर की बालकनी में एक परिवार पानी से घिरा हुआ अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा था.
हैरानी की बात यह है कि तेज बहाव के बावजूद परिवार और घर दोनों सुरक्षित बच गए. ऐसे में लोगों के दिमाग में यह सवाल है कि आखिर इतने मलबे, पानी के बाद भी यह घर खड़ा कैसे रहा. चलिए जानते हैं कि यह इस घर को बनाने के पीछे की तकनीक के बारे में.
The House in Green which survived against all Odds.
Even the brutal wrath of Nature which destroyed everything in its path couldn't shake it's foundation.#Nepal #NepalDisaster pic.twitter.com/sgVRF57jsW— D (@Deb_livnletliv) August 28, 2026Also Read
वीडियो सामने आने के बाद लोगों के मन में इस घर को लेकर सवाल लगातार चल रहा है कि इतनी तेज बाढ़ में घर टस से मस कैसे नहीं हुआ. स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे सिर्फ किस्मत नहीं बल्कि मजबूत निर्माण तकनीक भी बड़ी वजह थी. नेपाल की हिमालयी घाटियों में कई घर पत्थरों की चिनाई से बनाए जाते हैं. ऐसे मकान आमतौर पर ऊपर से पड़ने वाले वजन को संभाल सकते हैं, लेकिन तेज पानी और मलबे से आने वाले साइड प्रेशर में कमजोर पड़ सकते हैं.
Explanation into how this house survived Nepal flood. pic.twitter.com/DAHHG0BSyh
— Architecture Presentation (@arcpresentation) August 30, 2026
कहा जा रहा है कि इस घर में रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट फ्रेम था. इसमें स्टील की सरिया से कॉलम, बीम और नींव को आपस में मजबूती से जोड़ा गया था. जब पानी और कीचड़ का तेज दबाव घर से टकराया तो इस मजबूत ढांचे ने दबाव को संभाला और उसे जमीन तक पहुंचाया. इससे घर का ढांचा टूटने से बच गया.
घर की जगह भी उसके बचने में महत्वपूर्ण रही. भारी पत्थर और मलबा आमतौर पर पानी के सबसे गहरे और तेज रास्ते से बहता है. यह घर उस मुख्य रास्ते से थोड़ा हटकर और कुछ ऊंची जमीन पर बना था. इस वजह से पानी और मलबा घर के दोनों तरफ से निकल गया. जमा हुआ कीचड़ भी बाद में एक तरह की प्राकृतिक ढाल बन गया, जिससे बाद की लहरों का सीधा दबाव घर पर कम पड़ा.