Nepal Curfew lifted: नेपाल में नया सवेरा, काठमांडू से कर्फ्यू हटाया गया, घर से लेकर सड़क तक जानिए कैसे हैं ताजा हालात
Nepal Curfew lifted: हिंसा के चलते लगाए गए कर्फ्यू और धारा 144 को राजधानी काठमांडू से हटा दिया गया है. हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से सेना की मौजूदगी अभी कुछ दिनों तक बनी रह सकती है.
Nepal Curfew lifted: नेपाल जो पिछले कुछ दिनों से धधक रहा था अब जाकर उसकी लपटें कम हो रही हैं. राजधानी काठमांडू में सेना और सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच कर्फ्यू लगाया गया था. लेकिन अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं. आज सुबह 5 बजे से कर्फ्यू और निषेधाज्ञा हटा दी गई है, जिससे लोगों को राहत मिली है. इस बीच, नेपाल ने अंतरिम सरकार का गठन कर लिया है और इसकी कमान पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की ने संभाली है.
अंतरिम प्रधानमंत्री बनने के बाद सुशीला कार्की से जनता को नई उम्मीदें हैं. लोग आशा कर रहे हैं कि वह नेपाल को भ्रष्टाचार से मुक्त करने और स्थिरता लाने के लिए निर्णायक कदम उठाएंगी. राजधानी की सड़कों पर अब सामान्य माहौल लौटता दिख रहा है और लोग इसे “नए युग की शुरुआत” मान रहे हैं.
कर्फ्यू और निषेधाज्ञा खत्म
हिंसा के चलते लगाए गए कर्फ्यू और धारा 144 को राजधानी काठमांडू से हटा दिया गया है. हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से सेना की मौजूदगी अभी कुछ दिनों तक बनी रह सकती है.
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सुशीला कार्की ने संभाली अंतरिम सरकार
पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है. उनके नेतृत्व में जनता को उम्मीद है कि नेपाल में राजनीतिक स्थिरता और भ्रष्टाचार के खिलाफ ठोस कदम उठाए जाएंगे.
जनता की उम्मीदें
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुशीला कार्की के नेतृत्व में नेपाल में एक नई शुरुआत होगी. लोग भ्रष्टाचार मुक्त शासन और विकास की उम्मीद कर रहे हैं.
हिंसा का असर
हाल के प्रदर्शनों में हिंसा और आगजनी के कारण अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें प्रदर्शनकारी, पुलिसकर्मी और अन्य लोग शामिल हैं. करीब 1,700 लोग घायल भी हुए.
होटल इंडस्ट्री को भारी नुकसान
हिंसा का सबसे बड़ा असर नेपाल के होटल उद्योग पर पड़ा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, दो दर्जन से अधिक होटलों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं से इस सेक्टर को लगभग 25 अरब नेपाली रुपये का नुकसान हुआ है.
पुलिस की अपील
नेपाल पुलिस ने हिंसा से जुड़े वीडियो और सबूत जनता से साझा करने की अपील की है, ताकि उपद्रवियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके. इसके लिए आधिकारिक ईमेल आईडी भी जारी की गई है.
इस्तीफे से भड़की हिंसा
प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद स्थिति और बिगड़ गई थी. प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन, राष्ट्रपति कार्यालय और नेताओं के घरों में आगजनी की थी. हालांकि अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं.