व्हाइट हाउस के नजदीक आतंकी हमले में नेशनल गार्ड की मौत, एक की हालत नाजुक

बुधवार को व्हाइट हाउस से कुछ ही ब्लॉक दूर हुए हमले में दो नेशनल गार्ड सदस्यों पर नजदीक से गोलियां चलाई गई थीं.

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Gyanendra Sharma

वाशिंगटन डी.सी: अमेरिका के वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी की घटना में एक नेशनल गार्ड सैनिक की मौत हो गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को कहा कि व्हाइट हाउस के पास एक दिन पहले गोली लगने से घायल हुए दो नेशनल गार्ड सैनिकों में से एक सारा बेकस्ट्रोम की मौत हो गई है, जबकि दूसरा सैनिक अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है.

बुधवार को व्हाइट हाउस से कुछ ही ब्लॉक दूर हुए हमले में दो नेशनल गार्ड सदस्यों पर नजदीक से गोलियां चलाई गई थीं. ट्रंप ने कहा, "वेस्ट वर्जीनिया की सारा बेकस्ट्रॉम, जिन गार्ड्समैन की हम बात कर रहे हैं, उनमें से एक, बेहद सम्मानित, युवा और शानदार शख्सियत उनका हाल ही में निधन हो गया. अब वह हमारे बीच नहीं हैं."

वेस्ट वर्जीनिया के गवर्नर पैट्रिक मॉरिसी ने भी एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए सारा की मौत की घोषणा की और लिखा, "कुछ ही देर पहले, स्पेशलिस्ट सारा बेकस्ट्रॉम का कल की भीषण गोलीबारी में लगी चोटों के कारण निधन हो गया. यह वो नतीजा नहीं है जिसकी हमें उम्मीद थी, बल्कि यही वो नतीजा है जिसका हम सभी को डर था."

उन्होंने आगे कहा, "सारा ने साहस, असाधारण दृढ़ संकल्प और अपने राज्य तथा राष्ट्र के प्रति अटूट कर्तव्य भावना के साथ सेवा की. उन्होंने सेवा के आह्वान का उत्तर दिया, स्वेच्छा से आगे आईं और वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के सर्वश्रेष्ठ गुणों को परिभाषित करने वाली शक्ति और चरित्र के साथ अपने मिशन को अंजाम दिया."

संदिग्ध की हालत भी 'गंभीर'

अमेरिकी राष्ट्रपति ने बुधवार को व्हाइट हाउस से कुछ ही ब्लॉक दूर नेशनल गार्ड के जवानों पर गोली चलाने वाले संदिग्ध के स्वास्थ्य की भी जानकारी दी. उसे "राक्षस" बताते हुए, ट्रंप ने कहा कि संदिग्ध की हालत भी "गंभीर" है. 
सारा बेकस्ट्रोम (20) और एंड्रयू वोल्फ (24) व्हाइट हाउस से कुछ ही ब्लॉक की दूरी पर गश्त कर रहे थे, जब 26 नवंबर को, थैंक्सगिविंग से एक दिन पहले एक बंदूकधारी ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी. इस हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया.

डोनाल्ड ट्रम्प ने क्या कहा?

गोलीबारी के समय डोनाल्ड ट्रम्प व्हाइट हाउस में मौजूद नहीं थे. संदिग्ध की पहचान 29 वर्षीय रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में हुई है, जो एक अफगान नागरिक है और 2021 में बाइडेन प्रशासन के तहत ऑपरेशन एलाइज वेलकम के माध्यम से अमेरिका में दाखिल हुआ था.

मीडिया को संबोधित करते हुए, ट्रंप ने इस हमले को लेकर बाइडेन प्रशासन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, डीएचएस ने पुष्टि की है कि संदिग्ध एक अफ़ग़ान नागरिक है जिसे पिछली सरकार ने यहाँ लाया था, जो एक बहुत ही खराब प्रशासन था." अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने हमले के बाद कहा कि संदिग्ध पर आतंकवाद का आरोप लगाया जा सकता है.