मंगल पर मिला अरबों साल पुराना 'चांदी का पहाड़', देखकर NASA हुए हैरान!
रोवर को कुछ महीनों में पांच अनोखे चट्टानों के सैंपल मिले हैं, जिनमें से सात का गहराई से विश्लेषण किया गया और 83 चट्टानों की लेजर से जांच की गई.
NASA Rover News: नासा का पर्सीवरेंस रोवर मंगल ग्रह पर लगातार नई खोजों में जुटा है और अब इसकी एक ताजा खोज ने वैज्ञानिकों को चौंका दिया है. यह रोवर मंगल के जेजेरो क्रेटर की पश्चिमी सीमा पर पहुंच चुका है, जहां वह ऐसे चट्टानों की खोज कर रहा है जो करीब 3.9 अरब साल पुराने रहस्यों से भरी हुई हैं. इन चट्टानों में कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जो पानी और शायद जीवन के संकेत भी दे सकते हैं.
रोवर को कुछ महीनों में पांच अनोखे चट्टानों के सैंपल मिले हैं, जिनमें से सात का गहराई से विश्लेषण किया गया और 83 चट्टानों की लेजर से जांच की गई. वैज्ञानिक मान रहे हैं कि यह अब तक की सबसे तेज और महत्वपूर्ण खोजों में से एक है. जिस इलाके से ये सैंपल मिले हैं, उसे अब वैज्ञानिक सोने की खान की तरह देख रहे हैं.
‘सिल्वर माउंटेन’
रोवर को जो सबसे खास चट्टान मिली है, उसका नाम रखा गया है 'सिल्वर माउंटेन’, जो करीब 3.9 अरब साल पुरानी बताई जा रही है. यह चट्टान मंगल के नोआशियन युग की है, जब ग्रह पर भारी उल्कापात होता था. इसकी बनावट अब तक देखी गई चट्टानों से बिलकुल अलग है. नासा ने भी कहा है कि यह चट्टान अपने आप में एक 'अनदेखा खजाना' है.
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क्या मंगल पर कभी था जीवन?
एक और खास खोज में रोवर को ऐसी चट्टान मिली है, जिसमें सर्पेंटाइन मिनरल्स पाए गए हैं. ये तभी बनते हैं जब पानी और ज्वालामुखी चट्टानों के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया होती है. पृथ्वी पर ऐसी प्रक्रिया से हाइड्रोजन बनती है, जो जीवन के लिए जरूरी ऊर्जा देती है. इससे यह सवाल फिर से उठने लगा है कि क्या मंगल पर भी कभी जीवन था?
टूटे-बिखरे पत्थरों में छिपे हैं राज
विच हेजल हिल के पास की पहाड़ियां और चट्टानें बेहद पुरानी हैं. कई चट्टानें उल्कापात के समय मंगल की सतह से बाहर आई थीं. वैज्ञानिकों का मानना है कि इन्हीं में मंगल के इतिहास के गहरे रहस्य छिपे हो सकते हैं. NASA की वैज्ञानिक केटी मॉर्गन ने कहा कि पिछले चार महीने जैसे किसी वैज्ञानिक तूफान जैसे बीते हैं.
धरती पर कब आएंगे ये सैंपल?
अब वैज्ञानिक चाहते हैं कि ये कीमती सैंपल पृथ्वी पर लाकर इनका गहराई से विश्लेषण किया जाए ताकि यह पता चले कि क्या कभी मंगल पर जीवन था. लेकिन NASA का Mars Sample Return Mission मुश्किलों में है, क्योंकि इसकी लागत लगभग 11 अरब डॉलर बताई जा रही है. इस कारण मिशन में देरी हो रही है और नासा अब नई तकनीकों की तलाश में है ताकि इस मिशन को आसान और सस्ता बनाया जा सके.