'केवल अमेरिका के प्रति वफादार हूं', निक्की हेली के बेटे ने भारतीय जड़ों से बनाई दूरी, रिपब्लिकन से जेन-Z को लुभाने को कहा

अमेरिकी नेता निक्की हेली के बेटे नलिन हेली ने खुद को भारतीय जड़ों से दूर बताया और रिपब्लिकन पार्टी को चेताया कि यदि वह जनरेशन-Z की आवाज नहीं सुनेगी, तो युवा मतदाता तेजी से डेमोक्रेट्स की ओर रुख करते रहेंगे.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: भारतीय-अमेरिकी मूल की दिग्गज रिपब्लिकन नेता निक्की हेली के 24 वर्षीय बेटे नलिन हेली ने अपनी पहचान, आव्रजन नीति और अमेरिकी राजनीति में युवाओं की भूमिका पर तीखे बयान देकर नई बहस छेड़ दी है. 

उन्होंने साफ कहा कि उनकी निष्ठा केवल अमेरिका से है और वे किसी अन्य देश से भावनात्मक जुड़ाव नहीं रखते. साथ ही उन्होंने रिपब्लिकन नेतृत्व को चेताया कि पार्टी यदि युवाओं के मुद्दों को गंभीरता से नहीं समझेगी तो उसकी पकड़ कमजोर हो सकती है.

भारतीय जड़ों से दूरी का दावा

नलिन हेली ने न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में कहा कि वे खुद को भारत से जुड़ा नहीं मानते, क्योंकि वे कभी भारत गए ही नहीं. उनका कहना था कि उनकी पहचान पूरी तरह अमेरिकी है और वे किसी 'दूसरे देश के प्रति भावनात्मक निष्ठा' नहीं रख सकते. उनका यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि नलिन के दादा का मूल संबंध पंजाब से था और वे अमेरिका जाकर प्रतिष्ठित शिक्षाविद बने.

आव्रजन पर कड़े विचार और अमेरिकी नौकरी संकट

नलिन ने कानूनी आव्रजन पर रोक लगाने की वकालत की. उनका तर्क था कि जब अमेरिकी कंपनियां अपने ही युवाओं को पर्याप्त नौकरी नहीं दे रही हैं और एआई कई नौकरियां खत्म कर रहा है, तो विदेशी कर्मचारियों को बुलाना अनुचित है. इससे पहले भी वे H-1B वीजा पर प्रतिबंध लगाने की बात कह चुके हैं. उन्होंने कहा कि आर्थिक अनिश्चितता में 'पहले अमेरिकी युवाओं को अवसर मिलना चाहिए.'

रिपब्लिकन पार्टी पर युवा आवाज न सुनने का आरोप

नलिन ने स्वयं को जनरेशन-Z का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि रिपब्लिकन पार्टी युवा मतदाताओं को समझने में विफल हो रही है. उन्होंने न्यूयॉर्क नगर चुनाव में भारतीय-मूल के डेमोक्रेट जोहरान ममदानी की जीत को उदाहरण बताते हुए कहा कि 'डेमोक्रेट्स युवाओं की बात सुन रहे हैं, रिपब्लिकन नहीं.' उनके मुताबिक, युवा मतदाता आवास संकट, कॉर्पोरेट संरचना और आर्थिक असमानता से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.

युवाओं में बदलती रूढ़िवादी सोच

नलिन ने बताया कि युवा रिपब्लिकन अब मुक्त बाजार को 'लगभग कानूनहीन व्यवस्था' मानते हैं. वे कहते हैं कि युवा अमेरिकी अधिक व्यावहारिक आर्थिक दृष्टिकोण अपनाना चाहते हैं और राजनेताओं द्वारा कॉर्पोरेट हितों को प्राथमिकता देने से नाराज हैं. वे खुद को 'क्रिश्चियन, पॉपुलिस्ट और नेशनलिस्ट' बताते हैं और मानते हैं कि यह पहचान आज के रूढ़िवादी युवाओं में तेजी से बढ़ रही है.

राजनीति में सक्रिय न होकर भी प्रभाव डालने की इच्छा

नलिन हेली ने कहा कि भले ही वे राजनीति में सक्रिय भूमिका नहीं निभाना चाहते, लेकिन वे चाहते हैं कि रिपब्लिकन पार्टी युवाओं की चिंताओं पर गंभीर हो. उनका कहना है कि पिछली पीढ़ियों को जो अवसर मिले, वे आज के युवाओं के लिए दूर होते जा रहे हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्टी 'अमेरिकन वर्कर्स-फर्स्ट' नीति अपनाएगी और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी.