'भारत से रिश्ते सुधरने की उम्मीद नहीं', पाकिस्तानी एक्सपर्ट का बड़ा दावा, मोदी-नवाज रिश्तों पर भी कही अहम बात

पाकिस्तान के पूर्व पीसीबी चेयरमैन नजम सेठी ने भारत-पाकिस्तान संबंधों में सुधार की संभावना कम बताई. उन्होंने बलूचिस्तान में जारी विद्रोह को लेकर भारत, अफगानिस्तान और इजरायल पर भी आरोप लगाए.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन और वरिष्ठ पत्रकार नजम सेठी ने भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में दोनों देशों के रिश्तों में जल्द सुधार की संभावना बहुत कम दिखाई देती है. एक पाकिस्तानी टीवी कार्यक्रम में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि 2014-15 के दौर की तुलना में आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. उन्होंने बलूचिस्तान की स्थिति पर भी अपनी राय रखी.

समा टीवी के एक कार्यक्रम में भारत-पाकिस्तान संबंधों पर पूछे गए सवाल के जवाब में सेठी ने कहा कि पर्दे के पीछे बातचीत की कोशिशों की चर्चाएं जरूर होती रही हैं, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि इससे कोई ठोस नतीजा निकलेगा. उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी और मौजूदा राजनीतिक माहौल रिश्तों को सामान्य होने से रोक रहा है.

मोदी सरकार और पुराने दौर का जिक्र

नजम सेठी ने कहा कि भारत की मौजूदा सरकार पाकिस्तान को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है. उनके मुताबिक, ऐसे माहौल में किसी भी तरह की औपचारिक बातचीत आसान नहीं होगी. उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच रिश्ते बेहतर होने की उम्मीद दिखाई दी थी, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदल गईं.


नवाज शरीफ को लेकर किया दावा

सेठी ने दावा किया कि नवाज शरीफ भारत के साथ संवाद आगे बढ़ाना चाहते थे. हालांकि, उनके अनुसार पाकिस्तान की आंतरिक परिस्थितियों और सत्ता से जुड़े अन्य कारकों के कारण यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी. उन्होंने कहा कि इसके बाद दोनों देशों के संबंध लगातार कठिन होते चले गए और विश्वास बहाली की कोशिशें भी असरदार साबित नहीं हुईं.

बलूचिस्तान पर लगाए आरोप

कार्यक्रम के दौरान नजम सेठी ने बलूचिस्तान में जारी विद्रोह को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे एक बड़ा क्षेत्रीय खेल चल रहा है. उनके अनुसार, इस मामले में भारत, अफगानिस्तान और इजरायल की भूमिका भी है. हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किया.

लंबे समय से तनाव का केंद्र बना है बलूचिस्तान

बलूचिस्तान पिछले कई वर्षों से अशांत बना हुआ है. यहां अलगाववादी संगठन अधिक अधिकार और संसाधनों पर हिस्सेदारी की मांग करते रहे हैं. दूसरी ओर पाकिस्तान लगातार दावा करता रहा है कि बाहरी ताकतें इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं. वहीं भारत पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करता रहा है. इस बीच नजम सेठी के ताजा बयान ने एक बार फिर इस मुद्दे पर चर्चा तेज कर दी है.