अमेरिका-चीन में खौफ, 20 वैज्ञानिकों की रहस्यमयी मौत और गायब होने से बढ़ी चिंता
अमेरिका और चीन में करीब 20 टॉप डिफेंस वैज्ञानिकों की रहस्यमयी मौत और गायब होने की घटनाओं ने दुनिया को चौंका दिया है. ये वैज्ञानिक न्यूक्लियर, AI, हाइपरसोनिक और स्पेस रिसर्च से जुड़े थे.
नई दिल्ली: अमेरिका और चीन जैसे दुनिया के दो बड़े देशों में टॉप डिफेंस वैज्ञानिकों की रहस्यमयी मौतों और अचानक गायब होने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है. दोनों देशों में अब तक करीब 20 वैज्ञानिकों के लापता होने या संदिग्ध हालात में मौत की खबरें सामने आई हैं. ये सभी वैज्ञानिक न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी, हाइपरसोनिक हथियार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस रिसर्च और एडवांस्ड वेपन्स जैसे बेहद संवेदनशील क्षेत्रों में काम कर रहे थे.
अमेरिका में अब तक 11 से ज्यादा ऐसे मामले सामने आए हैं. इनमें नासा के इंजीनियर, एयर फोर्स के अधिकारी और लॉस एलामोस न्यूक्लियर लैब से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हैं. सबसे ज्यादा चर्चा मेजर जनरल विलियम नील मैककैसलैंड के मामले की हो रही है. फरवरी 2026 में वह घर से वॉक पर निकले थे लेकिन फिर वापस नहीं लौटे. उन्होंने फोन, चश्मा और स्मार्टवॉच घर पर छोड़ दी थी और केवल रिवॉल्वर साथ ले गए थे. अभी तक उन लोगों का कोई पता नहीं चल सका है.
नासा की एयरोस्पेस इंजीनियर कैसे हुईं गायब?
नासा की एयरोस्पेस इंजीनियर मोनिका रेजा भी कैलिफोर्निया में ट्रेकिंग के दौरान रहस्यमयी तरीके से गायब हो गईं. वह रॉकेट्स में इस्तेमाल होने वाले सुपर-अलॉय मेटल पर काम कर रही थीं. वहीं 29 वर्षीय इंजीनियर जोशुआ ले ब्लैंक, जो नासा के न्यूक्लियर प्रोपल्शन प्रोजेक्ट से जुड़े थे, अपनी टेस्ला कार में जले हुए मिले. परिवार ने इस घटना पर सवाल उठाए हैं.
इसके अलावा लॉस एलामोस न्यूक्लियर लैब की मेलिसा कैसियास और रिटायर्ड वैज्ञानिक एंथनी चावेज भी लापता बताए गए हैं. कई मामलों में वैज्ञानिक घर से पैदल निकले और फिर कभी वापस नहीं लौटे.
चीन में कितने वैज्ञानिकों की हुई मौत?
चीन में भी कम से कम 9 वैज्ञानिकों की संदिग्ध मौतें दर्ज की गई हैं. इनमें सबसे चर्चित नाम फेंग यांगहे का है, जो नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी में प्रोफेसर थे. वह ताइवान से जुड़े AI सिमुलेशन मॉडल पर काम कर रहे थे. जुलाई 2023 में बीजिंग में देर रात कार दुर्घटना में उनकी मौत हो गई. सरकारी रिपोर्ट में इसे ड्यूटी के दौरान बलिदान बताया गया.
इसके अलावा चेन शुमिंग, झोउ गुआंगयुआन, झांग शियाओशिन, फांग दाइनिंग और यान होंग जैसे वैज्ञानिकों की भी मौत अलग-अलग कारणों से हुई. ये सभी हाइपरसोनिक हथियार, मिलिट्री AI और न्यूक्लियर रिसर्च से जुड़े थे.
अमेरिका में सांसद एरिक बर्लिसन ने क्या कहा?
अमेरिका में सांसद एरिक बर्लिसन ने इसे विदेशी साजिश की आशंका बताया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी मामले को गंभीर कहा है. एफबीआई जांच में जुटी है. हालांकि अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह संयोग भी हो सकता है, लेकिन घटनाओं का पैटर्न कई सवाल खड़े कर रहा है.