म्यांमार की सेना ने अपने ही नागरिकों पर ढाया कहर, एयरस्ट्राइक में गर्भवती महिला सहित गई 21 लोगों की जान
Myanmar Military Airstrike: म्यांमार की सेना ने साल 2021 में सरकार का तख्तापलट कर दिया था. इसके बाद से देश में अशांति फैल गई और गृहयुद्ध छिड़ गया. इसी कड़ी में अब सेना ने एक एयरस्ट्राइक की है, जिसमें 21 लोगों के मारे जाने की खबरें सामने आ रही हैं.
Myanmar Military Airstrike: म्यांमार के मोगोक शहर पर सेना के हवाई हमले ने भारी तबाही मचाई है. इस हमले में कम से कम 21 लोग मारे गए, जिनमें एक गर्भवती महिला भी शामिल थी. यह हमला गुरुवार रात को हुआ, जिसमें 15 घर और बौद्ध मठ क्षतिग्रस्त हो गए. म्यांमार में फरवरी 2021 से चल रहा है.
म्यांमार का मोगोक शहर, जो रूबी खनन के लिए मशहूर है, तांग नेशनल लिबरेशन आर्मी (TNLA) के नियंत्रण में है. TNLA के प्रवक्ता लवे याय ऊ ने बताया कि यह हमला गुरुवार रात 8:30 बजे मोगोक के श्वेगु वार्ड में हुआ. स्थानीय लोगों के अनुसार मरने वालों की संख्या 30 तक हो सकती है. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
सेना का दावा और हकीकत
म्यांमार की सेना ने इस हमले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. पहले भी सेना दावा करती रही है कि वह केवल युद्ध के वैध ठिकानों को निशाना बनाती है और प्रतिरोधी समूहों को आतंकवादी बताती है. लेकिन स्थानीय लोग और TNLA का कहना है कि ये हमले जानबूझकर नागरिकों को निशाना बना रहे हैं. मोगोक के निवासियों ने बताया कि एक क्षतिग्रस्त घर में गर्भवती महिला के लिए आए मेहमानों की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़ गई.
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म्यांमार में गृहयुद्ध का दौर
म्यांमार में फरवरी 2021 में सेना ने आंग सान सू की की निर्वाचित सरकार को उखाड़ फेंका था, जिसके बाद से देश में अशांति और हिंसा का माहौल है. शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को कुचलने के बाद कई लोगों ने हथियार उठा लिए और अब देश का बड़ा हिस्सा गृहयुद्ध में उलझा हुआ है. TNLA जैसे जातीय सशस्त्र समूह सेना के खिलाफ लड़ रहे हैं, जो जुलाई 2024 से मोगोक पर कब्जा किए हुए हैं.
भविष्य पर अनिश्चितता
म्यांमार की सेना ने इस साल के अंत में चुनाव कराने का वादा किया है लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह चुनाव लोकतांत्रिक नहीं होगा. स्वतंत्र मीडिया पर पाबंदी है और सू की की पार्टी के ज्यादातर नेता जेल में हैं. विपक्षी समूहों ने इस चुनाव को नाकाम करने की बात कही है.
मोगोक जैसे इलाकों में लगातार हो रहे हवाई हमले नागरिकों में डर पैदा कर रहे हैं. स्थानीय लोग अब हर पल हवाई हमलों के खौफ में जी रहे हैं, और बारिश के मौसम में विमानों की आवाज सुनना और भी मुश्किल हो गया है, जिससे जानमाल का नुकसान बढ़ रहा है.