सीरिया के समर्थन में रूस ने अलप्पो पर किया हवाई हमला, 300 से ज्यादा विद्रोहियों की मौत
सीरिया के अलप्पो शहर में हाल ही में हुए एक बड़े हमले में रूस के वायु सेना द्वारा किए गए हवाई हमलों ने विद्रोही समूहों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया. यह हमला राष्ट्रपति बशर अल-असद और सीरियाई सेना का समर्थन करने के लिए किया गया था.
सीरिया के अलप्पो शहर में हाल ही में हुए एक बड़े हमले में रूस के वायु सेना द्वारा किए गए हवाई हमलों ने विद्रोही समूहों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया. यह हमला राष्ट्रपति बशर अल-असद और सीरियाई सेना का समर्थन करने के लिए किया गया था. रूस ने इस हमले को सीरिया के भीतर विद्रोहियों के खिलाफ निर्णायक कदम के रूप में प्रस्तुत किया है, जिससे इलाके में जंग और भी तीव्र हो गई है.
अलप्पो में बड़े हमले की शुरुआत
सीरिया में विद्रोहियों द्वारा किया गया यह हमला, खासकर इस्लामी समूह हयात तहरीर अल-शाम द्वारा, एक बड़े संघर्ष का कारण बना है. रूस की रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि यह हमले सीरियाई सेना की मदद के लिए किए गए थे, जो विद्रोहियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण आक्रमण की तैयारी कर रही थी. यह हमला सीरिया में वर्षों में सबसे भयंकर विद्रोही हमले के रूप में माना जा रहा है, खासकर जब से 2020 से युद्ध के मोर्चे ज्यादातर स्थिर बने हुए थे.
सीरियाई सेना और राष्ट्रपति बशर अल-असद के लिए यह हमले का सामना करना एक गंभीर चुनौती बन गया था, क्योंकि विद्रोहियों ने अलप्पो एयरपोर्ट सहित कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया था.
रूस का सीरिया को समर्थन
रूस के रिएकन्सीलेशन सेंटर ने बताया कि सीरियाई सेना को रूस की वायु सेना ने आक्रमण के दौरान समर्थन दिया था. हवाई हमलों के माध्यम से रूस ने विद्रोहियों के ठिकानों, नियंत्रण क्षेत्रों और किलेबंदी पर मिसाइल हमले किए, जिससे विद्रोहियों के कम से कम 300 से अधिक सैनिकों की मौत हो गई. तास समाचार एजेंसी के अनुसार, यह हमला विद्रोही समूहों के लिए एक बड़ा झटका था, जिन्होंने शहर और उसके आसपास के क्षेत्र पर काबू पाने की कोशिश की थी.
विद्रोहियों का नियंत्रण
हयात तहरीर अल-शाम और अन्य विद्रोही समूहों ने कुछ महत्वपूर्ण इलाकों पर नियंत्रण हासिल किया था, जिसमें अलप्पो एयरपोर्ट भी शामिल है. विद्रोहियों के ऑपरेशन्स रूम और सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, विद्रोहियों ने अलप्पो के एयरपोर्ट पर कब्जा कर लिया और इसके बाद, मारा अल-नुमान शहर पर भी नियंत्रण प्राप्त कर लिया. यह इलाका सीरिया के इदलिब प्रांत में स्थित है, जहां विद्रोहियों ने अब लगभग पूरी तरह से नियंत्रण स्थापित कर लिया है.
रेयूटर्स ने विद्रोहियों के दो स्रोतों के हवाले से बताया कि मारा अल-नुमान शहर पर विद्रोहियों का कब्जा होने के बाद, इदलिब क्षेत्र के अधिकांश हिस्से पर विद्रोहियों का प्रभुत्व हो गया है, जिससे सीरियाई सेना के लिए स्थितियां और भी चुनौतीपूर्ण हो गई हैं.
सीरिया में युद्ध की जटिलताएं और रूस का प्रभाव
यह घटनाक्रम सीरिया में युद्ध की जटिलताओं को और बढ़ा देता है, जहाँ एक ओर रूस और सीरियाई सेना के हवाई हमले विद्रोहियों पर दबाव बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विद्रोही समूह महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर नियंत्रण हासिल करने में सफल हो रहे हैं. रूस का सैन्य समर्थन सीरिया में बशर अल-असद के शासन को बनाए रखने के लिए अहम भूमिका निभा रहा है, लेकिन विद्रोहियों की सफलता यह दिखाती है कि संघर्ष अब भी अत्यधिक अस्थिर है.