मालदीव की चाल से भड़क सकता है भारत, नई दोस्ती पर फिर सकता है पानी!

India Maldives Ties: मालदीव ने तुर्किये से खरीदे ड्रोन्स की मदद से अपने समुद्री सीमाओं की निगरानी शुरु कर दी है. ड्रोन्स द्वारा निगरानी का एक वीडियो भी साझा किया गया है.

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India Maldives Ties: मालदीव ने तुर्की से खरीदे  गए ड्रोन से अपने समुद्री क्षेत्रों की निगरानी शुरू कर दी है.  मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स ने इसका एक वीडियो भी जारी किया है. इस वीडियो में ड्रोन को निगरानी के लिए उड़ान भरते हुए दिखाया गया है. चीन मोह में फंसे मुइज्जू का यह कदम भारत के साथ माले के तनाव को और बढ़ा सकता है. सत्ता में आने के बाद मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू लगातार भारत विरोधी रवैया अपनाए जा रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, वे चीन के बहकावे में आकर इस तरह के निर्णय ले रहे हैं. 

रिपोर्ट के अनुसार, एविएटर्स मालदीव द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में बायकर टीबी2 ड्रोन उड़ान भरते हुए नजर आ रहा है.  इस ड्रोन ने नूनू माफारू एयरपोर्ट से संचालित किया गया था.  तुर्की के साथ किए गए समझौते के तहत यह ड्रोन पिछले हफ्ते ही मालदीव पहुंचे थे. मालदीव ने तुर्की के साथ 37 मिलियन अमेरिकी डॉलर में यह समझौता किया था. 

तुर्की से खरीदे गए इन ड्रोन्स का उपयोग निगरानी उद्देश्यों में किया जाता है. यह ड्रोन हथियारों से लैस होने के कारण सशस्त्र मिशन को पूरा करने की भी क्षमता रखते हैं. मालदीव सरकार ने देश की सुरक्षा का हवाला देते हुए ड्रोन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा नहीं किया है. 

मालदीव की इस चाल ने भारत के लिए थोड़ी चिंताएं जरूर बढ़ा दी हैं.  मालदीव इनका इस्तेमाल भारत से लगने वाली समुद्री सीमा की निगरानी में भी करेगा.  रिपोर्ट के मुताबिक, मालदीव इन्हें इसलिए लेकर आया है ताकि भारत के डोर्नियर विमानों को वहां से हटाया जा सके. तुर्की के ये ड्रोन कई जंगों में तबाही मचा चुके हैं इसलिए इन्हें किलर ड्रोन के नाम से भी जाना जाता है.