नेपाल में पेट्रोल संकट का बड़ा असर, दफ्तरों में अब हफ्ते में 2 दिन की छुट्टी, टाइमिंग भी बदली
नेपाल में पेट्रोल संकट गहराता जा रहा है. इसके चलते सरकार ने एक बड़ा फैसला लेेते हुए दफ्तरों में अब हफ्ते में 2 दिन की छुट्टी दे दी है...
पड़ोसी देश नेपाल में गहराते पेट्रोलियम संकट का असर अब आम जिंदगी के साथ-साथ सीधे तौर पर सरकारी कामकाज पर भी पड़ने लगा है. ईंधन की भारी किल्लत और आपूर्ति की समस्या से निपटने के लिए नेपाल सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है. ईंधन की खपत कम करने के उद्देश्य से सरकार ने अब देश भर में हफ्ते में दो दिन के साप्ताहिक अवकाश का ऐलान कर दिया है. इसके साथ ही दफ्तरों के खुलने के समय में भी अहम बदलाव किए गए हैं. यह नई व्यवस्था सोमवार से ही पूरे देश में प्रभावी कर दी गई है. यह फैसला इस बात का सीधा प्रमाण है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ता दबाव विकासशील देशों के दैनिक प्रशासन को किस कदर प्रभावित कर रहा है.
शनिवार और रविवार, दोनों दिन रहेगा अवकाश
सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने रविवार को इस नए फैसले की आधिकारिक जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति में उत्पन्न हुई असहज स्थिति और संकट के कारण यह कड़ा निर्णय लिया गया है. नई व्यवस्था के तहत अब सभी सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में शनिवार के साथ-साथ रविवार को भी पूर्ण अवकाश रहेगा. गौरतलब है कि नेपाल में अब तक सिर्फ शनिवार को ही साप्ताहिक छुट्टी मिला करती थी, लेकिन वर्तमान संकट ने दशकों पुरानी इस व्यवस्था को बदलने पर मजबूर कर दिया है.
सुबह 9 बजे से खुलेंगे सरकारी दफ्तर
वर्किंग डेज कम होने के कारण काम का नुकसान न हो, इसके लिए सरकार ने दफ्तरों के समय में फेरबदल किया है. मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार, अब सरकारी कार्यालयों का नया समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है.
1 घंटा ज्यादा करना होगा काम
पहले नेपाल में सरकारी दफ्तरों में कामकाज सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक होता था. नए नियम के मुताबिक, अब कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी पर सुबह एक घंटा पहले यानी 9 बजे रिपोर्ट करना होगा. सरकार का मानना है कि इससे कार्यक्षमता प्रभावित नहीं होगी.
शैक्षणिक संस्थानों पर लागू नहीं होगा टाइमिंग का नियम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुबह 9 से शाम 5 बजे तक काम करने का यह नया समय केवल सरकारी कार्यालयों पर लागू होगा. शैक्षणिक संस्थानों को इस 9 से 5 वाली समय-सीमा से बाहर रखा गया है, हालांकि उन्हें भी दो दिन की साप्ताहिक छुट्टी का लाभ मिलेगा.