ट्रंप की डेडलाइन खत्म होने से पहले ही ईरान की तबाही शुरू, खार्ग द्वीप पर हुआ बड़ा हमला
मंगलवार को खार्ग द्वीप पर कई हमले हुए, जिसकी पुष्टि ईरान की सेमी-ऑफिशियल मेहर न्यूज एजेंसी ने की. यह इलाका ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है.
ईरान के तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले खार्ग द्वीप पर मंगलवार को एक के बाद एक कई हमले हुए. ईरान के अर्ध-सरकारी पत्र मेहर न्यूज ने यह जानकारी दी. ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तय की गई डेडलाइन के खत्म होने से कुछ समय पहले हुए हैं. ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए मंगलवार रात 8 बजे तक का समय दिया है.
सब्र खत्म हो चुका है
metro.uk के अनुसार खार्ग द्वीप पर हुए इन हमलों के बाद ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अब सब्र खत्म हो चुका है. यह हमला एक दिन पहले ईरान द्वारा अमेरिका का युद्धविराम प्रस्ताव ठुकराने के बाद हुआ है. इस युद्ध को शुरू हुए अब 6 हफ्ते हो चुके हैं.
खार्ग द्वीप तेल निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र
खार्द द्वीप ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है. यहां हुए हमलों से न सिर्फ ईरान की अर्थव्यवस्था बल्कि वैश्विक ऑयल सप्लाई पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिका और उसके सहयोगियों से जुड़े ढांचों को निशाना बनाएगा और सालों तक पूरे क्षेत्र में तेल और गैस के प्रवाह को बाधित कर देगा. आईआरजीसी की यह धमकी डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पिछले हफ्ते दिए उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि वह ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्जा करने के बारे में सोच रहे हैं.
ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश
इस घटना के पीछे उस डेडलाइन को अहम माना जा रहा है, जो डोनाल्ड ट्रंप ने तय की थी. अमेरिका ने ईरान से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने की मांग की थी. यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे व्यस्त ऑयल रूट्स में से एक है. डेडलाइन खत्म होने के करीब आते ही हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं. आज रात को 8 बजे यह डेडलाइन खत्म हो रही है. माना जा रहा है कि इस डेडलाइन के खत्म होने के बाद अमेरिका पर हमले और भी तेज हो सकते हैं.