खामेनेई की मौत की खबर से लखनऊ में मातम, धर्मगुरुओं ने किया तीन दिनों तक शोक के साथ कैंडल मार्च का ऐलान
अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद लखनऊ में मुस्लिम धार्मिक नेताओं ने तीन दिन के शोक का ऐलान किया है. छोटा इमामबाड़ा में एक खास शोकसभा आयोजित की जाएगी और कैंडल मार्च की योजना बनाई जा रही है.
नई दिल्ली: US-इजराइली हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद देश भर के मुस्लिम धार्मिक नेताओं ने गहरा दुख और गुस्सा जताया. सोशल मीडिया और इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्ट्स के बाद भारत में भी रिएक्शन आए हैं.
लखनऊ समेत कई शहरों के धार्मिक नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे इंटरनेशनल कानून और इंसानियत का उल्लंघन बताया है. उन्होंने रमजान के पवित्र महीने में हुए इस कथित हमले को बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि अगर यह खबर सच है, तो यह न केवल ईरान बल्कि पूरे देश और इंसानियत के लिए एक गहरा झटका है.
कितने दिन के शोक सभा हुआ ऐलान?
शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने खामेनेई की शहादत की खबर के बाद तीन दिन के शोक का ऐलान किया है. उन्होंने पूरे मुस्लिम समुदाय और इंसानियत पसंद लोगों से अपील की है कि वे अपनी संवेदनाएं जाहिर करने के लिए अपनी जगहें बंद कर दें. उन्होंने ऐलान किया कि रात 8 बजे छोटा इमामबाड़ा में एक खास शोक सभा होगी, जिसके बाद कैंडल मार्च निकाला जाएगा. देश भर के शिया समुदाय से एकता दिखाने के लिए उसी समय शोक सभाएं करने की अपील की गई है.
मौलाना खालिद फरंगी महली ने क्या कहा?
धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ईरान एक आजाद देश है और उस पर इस तरह का हमला इंटरनेशनल कानून की खुली अनदेखी है. उन्होंने कहा कि किसी भी आजाद देश के खिलाफ मिलिट्री कार्रवाई दुनिया की शांति के लिए एक गंभीर खतरा है. उन्होंने रमजान के महीने में ऐसी घटना को बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बताया और इंटरनेशनल समुदाय से निष्पक्ष जांच और शांति बहाली की अपील की.
शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि अगर यह खबर सच है, तो यह मुस्लिम दुनिया के लिए गहरा सदमा है. उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि शहादत से विचार और आंदोलन खत्म नहीं होते. उन्होंने कहा कि किसी भी लीडरशिप को खत्म करने से उसकी विचारधारा खत्म नहीं होती, बल्कि वह अक्सर और मजबूत होकर उभरती है.
ग्लोबल प्रोटेस्ट की अपील
शिया मून कमेटी के चेयरमैन मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि यह खबर इंसानियत में विश्वास रखने वालों के लिए एक बड़ा झटका है. उन्होंने शांति और न्याय में विश्वास रखने वाले सभी देशों और संगठनों से इस मुद्दे पर साफ स्टैंड लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि अगर इस तरह के घटनाक्रम पर इंटरनेशनल लेवल पर कड़ा जवाब नहीं दिया गया, तो इलाके में अस्थिरता और बढ़ सकती है.
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