'भारत की तरह रूस से तेल हमें भी लेने दो...', इंडिया को मिली छूट से पाक को लगी मिर्ची; सरकार पर भड़के नजम सेठी
तेल संकट के बीच पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार नजम सेठी ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तान को भी भारत की तरह रूस से तेल खरीदने की कोशिश करनी चाहिए थी.
नई दिल्ली: इंटरनेशनल तेल संकट के बाद पाकिस्तान ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 पाकिस्तानी रुपये की भारी बढ़ोतरी की है. नतीजतन जनता परेशान है, पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग रही हैं. इस बीच एक सीनियर पाकिस्तानी पत्रकार ने अपने प्रधानमंत्री से एक तीखा सवाल पूछा है.
उन्हें क्या लगता है कि पाकिस्तान को इससे क्या बचाएगा? अगर पाकिस्तान को बचाना होता, तो वह जाकर डोनाल्ड ट्रंप से कहते, 'अगर आपने भारत को रूस से तेल इंपोर्ट करने की इजाजत दी है, तो हम भी रूस से इंपोर्ट करेंगे. हमारे भी बड़े मसले हैं. हम भी रूस से रिश्ते बनाना चाहते थे, लेकिन नहीं. वहां नहीं पहुंचेंगे, वहां तो उनको नोबेल प्राइज देने की तैयारी हो रही थी.' अब वे ट्रंप के पास जाकर वही रियायतें क्यों नहीं मांगते जो ट्रंप ने भारत को दी हैं?
पाकिस्तान में कितनी है तेल की कीमत?
दो दिन पहले सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया जो पहले कभी नहीं हुआ और पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की. अभी पाकिस्तान में रेगुलर पेट्रोल की नई कीमत 321.17 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर है, जबकि हाई-स्पीड डीजल 335.86 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत $110 प्रति बैरल तक पहुंच गई है. इतनी ज्यादा कीमत बढ़ने के बावजूद पाकिस्तानी सरकार अपने ग्राहकों की जरूरतें पूरी नहीं कर पा रही है.
नजम सेठी ने गुस्से में क्या कहा?
नजम सेठी ने एक टीवी चैनल पर अपना गुस्सा निकालते हुए कहा कि हमारी सरकार किस तरह की पॉलिसी बनाती है.
उन्होंने कहा, 'पब्लिक आपसे बहुत गुस्से में है. अगर यह किसी दिन फट गया, तो आपको समझ नहीं आएगा; आपको जेट में भागना पड़ेगा. प्लीज़ मुझ पर एक एहसान करो, ये बम पब्लिक पर मत फोड़ो. अगर तुम्हें फोड़ना ही है, तो खुद फोड़ो. हमारे ब्यूरोक्रेट्स, ऑफिसर्स, ब्यूरोक्रेट्स और हमारे सरमायादार के आराम कम करो.'
पाक में कैसी है स्थिति?
पाकिस्तान में पेट्रोल, डीजल और क्रूड ऑयल का लेवल डेंजर जोन में पहुंच गया है. देश के पास 26 दिन का पेट्रोल, 25 दिन का डीजल और 10 दिन का क्रूड ऑयल बचा है.
नजम सेठी ने कहा, 'मैंने सड़कों पर पब्लिक की हालत देखी, हर कोई बहुत परेशान था. सबसे ज्यादा मोटरसाइकिल वाले जो लाइन में इंतजार कर रहे थे और अपना समय बर्बाद कर रहे थे, वे थोड़ा फ्यूल लेना चाहते थे.'
नजम सेठी ने कहा कि सरकार कीमत 110 रुपये बढ़ाना चाहती थी, लेकिन उन्होंने मेहरबानी करके 55 रुपये बढ़ा दिए, नहीं तो वे 110 रुपये और बढ़ा सकते थे.
भारत का उदाहरण देते हुए क्या कहा?
भारत का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, 'अगर आप भारत को देखें, तो कीमतें नहीं बढ़ी हैं. इसके बजाय, उन्होंने और इम्पोर्ट की कोशिशें की हैं. उन्हें US से रियायतें मिली हैं. बांग्लादेश में पैनिक बाइंग देखी गई है, लेकिन वहां कीमतें नहीं बढ़ी हैं. पाकिस्तानी सरकार ने क्या किया है? उन्होंने सारा बोझ जनता पर डाल दिया है.'