सीएम योगी ने गोरखपुर को दी 1,000 करोड़ की सौगात, कहा- मोदी राज में देश ने देखी असली तरक्की
CM योगी ने गोरखपुर में 1,000 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया और पोषण मिशन फेज-2 की शुरुआत को ऐतिहासिक बताते हुए मोदी सरकार के 12 साल के सुशासन की तारीफ की.
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में रविवार को विकास का एक नया अध्याय लिखा गया. करीब 1,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का एक साथ उद्घाटन करते हुए सीएम योगी ने साफ संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश अब पिछड़ेपन की पुरानी पहचान से बहुत आगे निकल चुका है. इस मौके पर उत्साह और जोश का ऐसा माहौल था जो किसी आम सरकारी कार्यक्रम से बिल्कुल अलग था.
योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि मोदी जी के कुशल नेतृत्व में देश ने पिछले 12 वर्षों में जो तरक्की और सुशासन देखा है, वह इससे पहले की किसी भी सरकार के कार्यकाल में नहीं देखा गया. उनके मुताबिक यह दौर सिर्फ योजनाओं का नहीं, बल्कि नीयत और नीति दोनों के एक साथ चलने का दौर रहा है. यह बयान ऐसे वक्त आया है जब केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर देशभर में विकास कार्यों की समीक्षा और जश्न का सिलसिला चल रहा है.
1,000 करोड़ की परियोजनाएं, गोरखपुर को मिली नई रफ्तार
इस अवसर पर जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, वे गोरखपुर और आसपास के इलाकों की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी हैं. सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से संबंधित इन योजनाओं का सीधा असर आम आदमी की जिंदगी पर पड़ेगा. एक साथ इतनी बड़ी राशि की परियोजनाओं का लोकार्पण इस बात का संकेत है कि सरकार पूर्वांचल के विकास को अब प्राथमिकता की सूची में सबसे ऊपर रख रही है.
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पोषण मिशन फेज-2, एक ऐतिहासिक शुरुआत
इस पूरे कार्यक्रम का सबसे अहम और भावनात्मक पल वह था जब 'पोषण मिशन' के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत की गई. मुख्यमंत्री योगी ने इसे राज्य के लिए गर्व और ऐतिहासिक पल बताया. पोषण मिशन का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में कुपोषण की समस्या को जड़ से खत्म करना है, खासकर बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने पर इसका जोर है. इसके पहले चरण में जो नींव रखी गई थी, दूसरा चरण उसी को और व्यापक और असरदार बनाने की कोशिश है.
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि गोरखपुर में आज जो उत्साह और विकास की बयार दिख रही है, वह यहीं नहीं रुकेगी. पूरे पूर्वांचल को इसी रफ्तार से आगे ले जाना सरकार का संकल्प है. उनके शब्दों में एक आत्मविश्वास था जो सिर्फ मंच की बयानबाजी नहीं, बल्कि जमीन पर हो रहे बदलावों की झलक भी देता है.