सामने आ गई ईसाइयों के भगवान की असली फोटो, तस्वीर देख आप भी हो जाएंगे मनमोहित, ऐसे दिखते थे जीजस
Jesus New Photo: यीशु मसीह की ऐतिहासिक छवि साधारण लेकिन आकर्षक थी. उनके व्यक्तित्व और जीवनशैली ने उन्हें मजबूत और प्रेरणादायक बनाया. समय के साथ उनकी छवि को विभिन्न संस्कृतियों और कलात्मक दृष्टिकोणों ने बदल दिया.
Jesus New Photo: यीशु मसीह, जिन्हें ईसाई धर्म में भगवान के रूप में पूजा जाता है, को सदियों से विभिन्न तरीकों से दर्शाया गया है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐतिहासिक रूप से उनकी असली छवि कैसी रही होगी? आधुनिक शोध और इतिहासकारों के अनुसार, यीशु मसीह की असली तस्वीर हमारे पारंपरिक दृष्टिकोण से काफी अलग हो सकती है.
कैसे दिखते थे ऐतिहासिक यीशु?
इतिहासकारों का मानना है कि यीशु मसीह पहली सदी ईस्वी में यहूदी समाज के एक सामान्य व्यक्ति की तरह दिखते थे. उनके बाल काले और घुंघराले होते थे, न कि लंबे और भूरे, जैसा कि उन्हें आधुनिक कलाकृतियों में दिखाया जाता है. इसके अलावा, उनकी दाढ़ी भी छोटे और सुव्यवस्थित आकार की होती थी.
मजबूत और दुबले शरीर के थे यीशु
आधुनिक चित्रों में यीशु को अक्सर ताकतवर और सुडौल दिखाया जाता है. यह बात पूरी तरह से गलत नहीं है. विशेषज्ञों का कहना है कि यीशु का जीवन शारीरिक श्रम और पैदल यात्रा से भरा हुआ था. इस कारण से उनका शरीर मजबूत और फिट रहने की संभावना थी.
डॉ. मेरिडिथ वॉरेन, बाइबिल और धार्मिक अध्ययन की विशेषज्ञ, कहती हैं, "यीशु एक ऐसी पृष्ठभूमि से आते थे जहां शारीरिक श्रम आम था. उनकी जीवनशैली में पैदल यात्रा और अन्य शारीरिक गतिविधियां शामिल थीं, जो उन्हें मजबूत और फिट बनाती थीं."
छोटे बाल और सुव्यवस्थित दाढ़ी का चलन
रोमन साम्राज्य के समय, साफ-सुथरे और छोटे बालों को प्राथमिकता दी जाती थी. यहूदी समुदाय में दाढ़ी रखना आम था, लेकिन इसे भी साफ और सुव्यवस्थित रखा जाता था. रोमन सिक्कों और उस समय के अन्य स्रोतों के अनुसार, यहूदियों में छोटे बाल और दाढ़ी का चलन था.
जोआन टेलर, क्रिश्चियन ओरिजिन्स की प्रोफेसर, का कहना है कि लंबे बाल और लंबी दाढ़ी रखने का मतलब था कि व्यक्ति विशेष धार्मिक संकल्प का पालन कर रहा है, जिसमें शराब से दूरी शामिल होती है. लेकिन यीशु पर शराब पीने का आरोप लगाया गया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने ऐसे किसी संकल्प का पालन नहीं किया.
प्राचीन चित्रों में यीशु का वर्णन
पहली सदी के बाद मिले कुछ प्राचीन चित्रों में यीशु को छोटे बालों और बिना दाढ़ी के भी दिखाया गया है. सीरिया के ड्यूरा-यूरोपोस चर्च में मिले तीसरी सदी के चित्रों में यीशु को साफ-सुथरे और सजग रूप में दिखाया गया है.
समय के साथ बदलती तस्वीर
चौथी सदी तक यीशु के चित्रों में लंबे बाल और दाढ़ी शामिल की गई, जो उनके दिव्य व्यक्तित्व को दिखाने के लिए बनाई गई सांस्कृतिक धारणा का परिणाम है. इन बदलावों का ऐतिहासिक आधार कम और सांस्कृतिक प्रभाव अधिक है.