जेफ्री एपस्टीन ने जेल में लिखा था 'सुसाइड नोट'? सात सालों से सीलबंद; खुलने पर हो सकते हैं बड़े खुलासे!

अमेरिकी फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन से जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है. जिसमें जेल में उसके सेल में रहने वाले कैदी निकोलस टार्टाग्लियोन ने दावा किया है कि उसके पास जैफ्री का सुसाइड नोट है.

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Shanu Sharma

अमेरिकी फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन और उससे जुड़े कई राज धीरे-धीरे खुलकर सामने आ रहे हैं. हालांकि 2019 में जेल के अंदर ही उसकी मौत हो गई थी, उसकी मौत से जुड़े नए खुलासे सामने आया है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एपस्टीन ने अपनी मौत से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था, जो पिछले सात सालो से सीलबंद पड़ा है. अब उसके इस सुसाइड नोट को सार्वजनिक करने की जा रही है.

एपस्टीन को जुलाई 2019 में उनकी जेल कोठरी में बेहोश पाया गया था. इस दौरान उनकी गर्दन पर कपड़ा लिपटा हुआ था. जिसकी वजह से इसे पहली आत्महत्या की कोशिश मानी गई. उसी समय उनके साथ जेल में साथ रह रहे निकोलस टार्टाग्लियोन को एक ग्राफिक नॉवेल के अंदर पीले लीगल पैड का एक कागज मिला था. उस पर 'टाइम टू से गुड बॉय' लिखा था.

कौन है निकोलस टार्टाग्लियोन?

टार्टाग्लियोन जो कई हत्याओं व ड्रग तस्करी के मामलों में दोषी ठहराए जा चुके हैं, उन्होंने जेफरी के इस सुसाइड नोट को जेल अधिकारियों को सौंपने के बजाय अपने वकीलों को दे दिया. उनके वकीलों का दावा है कि उन्होंने नोट की प्रामाणिकता की जांच की है, हालांकि इसका तरीका साफ नहीं बताया गया.

टार्टाग्लियोन ने बाद में बताया कि उन्हें डर था कि एपस्टीन उन पर हमला करने या आत्महत्या का नाटक रचने का आरोप लगा सकते हैं. इसलिए उन्होंने नोट को सुरक्षित रखने के लिए वकीलों को सौंपा था. इस नोट को टार्टाग्लियोन के मुकदमे की सुनवाई कर रहे संघीय न्यायाधीश ने सीलबंद कर दिया था. सबसे खास बता यह है कि अभी तक यह सुसाइड नोट अमेरिकी न्याय विभाग और एपस्टीन की मौत की जांच करने वाले अधिकारियों को नहीं मिला है.

सबूत बन सकता है सुसाइड नोट

निकोलस टार्टाग्लियोन के वकील अगर इस सुसाइड नोट को जांच अधिकारियों को सौंपते हैं तो यह एपस्टीन की मानसिक स्थिति और अंतिम दिनों को समझने के लिए महत्वपूर्ण सबूत साबित हो सकता है. एपस्टीन पर बच्चों के यौन शोषण और मानव तस्करी के गंभीर आरोप थे. इसी मामले में उन्होंने 6 जुलाई 2019 को गिरफ्तार किया गया था.

जेल में मुकदमे का इंतजार करते हुए अगस्त 2019 में उनकी मौत हो गई थी. जिसके बाद मैनहैटन करेक्शनल सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल उठे थे. एपस्टीन के फाइल में दुनिया भर के कई बड़े चेहरे का नाम सामने आया था. जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी जुड़े कुछ फुटेज नजर आए थे. हालांकि इससे अभी तक कोई अपराध की पुष्टि नहीं हुई है. अभी भी इससे जुड़े फाइलों की जांच की जा रही है.