ब्रिटेन में चाकूबाजी कांड पर गरमाई सियासत, ट्रंप टीम का बड़ा बयान; प्रवासियों पर आक्रमण का आरोप
ब्रिटेन में एक किशोर की चाकूबाजी हत्या के मामले ने अंतरराष्ट्रीय सियासी तूफान खड़ा कर दिया है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने इस घटना को लेकर यूरोपीय प्रवासन नीतियों और मास माइग्रेशन पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
नई दिल्ली: ब्रिटेन में हुई एक दर्दनाक चाकूबाजी घटना अब अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक विवाद का रूप ले चुकी है. 18 वर्षीय हेनरी नोवाक की हत्या के मामले ने न केवल ब्रिटेन बल्कि अमेरिका तक राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है. घटना के बाद सोशल मीडिया से लेकर सरकारी बयानों तक बहस तेज हो गई है. इस केस में एक भारतीय युवक विक्रम डिगवा पर आरोप लगा है, जिसके बाद पूरा मामला नस्लीय तनाव और प्रवासन नीति से जुड़ गया है.
'एक सभ्यता का अंत'
वैंस ने एक्स पर कहा 'हेनरी नोवाक की मृत्यु उसी तरह हुई जैसे एक सभ्यता का अंत होता है: उन्हें त्याग दिया गया, उन अधिकारियों द्वारा हथकड़ी पहना दी गई जिन्होंने न तो उन पर भरोसा किया और न ही उनकी परवाह की, और उन पर ऐसे घृणास्पद अपराधों का आरोप लगाया गया जो उन्होंने नहीं किए थे'. 'उनकी हत्या जितनी दुखद है, उतनी ही आक्रोशजनक भी है.'
उचित आक्रोश का आह्वान
यूरोपीय प्रवासन नीतियों के लंबे समय से आलोचक रहे वैंस ने इस मामले के जवाब में उचित आक्रोश का आह्वान किया. दिसंबर में दक्षिणी शहर साउथेम्प्टन में विक्रम डिगवा द्वारा चाकू मारे जाने के बाद जब नोवाक मरणासन्न अवस्था में पड़े थे, तब पुलिस ने उन्हें हथकड़ी पहना दी थी. उनका मामला दुनिया भर में दक्षिणपंथी आक्रोश का केंद्र बन गया है और ब्रिटेन में दंगों को भड़का दिया है.
प्लेटफॉर्म पर चाकूबाजी की घटना
23 वर्षीय डिगवा ने झूठ बोला और पुलिस को बताया कि वह पीड़ित था और नोवाक ने नस्लीय रूप से उसका अपमान किया था. 'मैं सांस नहीं ले पा रहा/रही': वीडियो में दिखाया गया है कि ब्रिटेन की पुलिस एक भारतीय द्वारा चाकू मारे गए किशोर को गिरफ्तार कर रही है.
अमेरिकी टेक दिग्गज एलोन मस्क, जो एक्स कंपनी के अरबपति मालिक और वैंस के मित्र हैं, ने इस प्लेटफॉर्म पर चाकूबाजी की घटना पर पुलिस की प्रतिक्रिया के बारे में कई बार पोस्ट किया है.
घटना की निंदा
इसके बाद गुरुवार को अमेरिकी विदेश विभाग ने इस मामले पर अपनी राय रखते हुए इसकी निंदा की और कहा कि वैचारिक दबाव और दोहरे स्तर की पुलिसिंग' ही इस मामले का कारण बनी है. अब वैंस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सबसे उच्च पदस्थ अधिकारी हैं जिन्होंने इस मामले पर टिप्पणी की है.
वेंस ने आगे कहा 'वह आज भी जीवित होते और होते भी अगर यूरोपीय अभिजात वर्ग की पिछली कुछ पीढ़ियों ने आत्म-घृणा की राजनीति और प्रवासियों के बड़े पैमाने पर आक्रमण के खिलाफ अपना रुख बनाए रखा होता, जिनमें से कई पश्चिम और उससे प्यार करने वाले लोगों से नफरत करते हैं'.
'हेनरी ऐसा करने वाला पहला व्यक्ति नहीं था जिसने इतनी अनावश्यक रूप से अपनी जान गंवाई, और मुझे डर है कि वह आखिरी भी नहीं होगा.' ट्रंप प्रशासन द्वारा बड़े पैमाने पर प्रवासन के कारण पश्चिमी सभ्यता के पतन के सिद्धांतों को बढ़ावा देने के सबसे मुखर समर्थकों में से एक वैंस भी हैं.
ब्रिटिश सरकार ने इस मामले में अमेरिकी हस्तक्षेप को अस्वीकार कर दिया.
ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टारमर के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, 'हमने लोगों को हमारे लोकतंत्र में हस्तक्षेप करने और हमारी सड़कों पर विभाजन पैदा करने की कोशिश करते देखा है.'
प्रवक्ता ने आगे कहा कि छात्र हेनरी नोवाक के परिवार ने कहा है कि वे नहीं चाहते कि उनकी हत्या का इस्तेमाल और अधिक विभाजन, घृणा या तनाव पैदा करने के लिए किया जाए. स्टारमर ने खुद गुरुवार को अरबपति मस्क पर ब्रिटेन में "विभाजन भड़काने की कोशिश" करने का आरोप लगाया.