नई दिल्ली: पूर्वी एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है. जापान ने चीन पर गंभीर आरोप लगाया है कि उसके फाइटर जेट ने जापानी लड़ाकू विमान पर फायर-कंट्रोल रडार लॉक कर दिया. यह कदम युद्ध शुरू होने से ठीक पहले का सबसे खतरनाक संकेत माना जाता है.
हालांकि चीन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके में युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए हैं. बता दें कि पिछले कुछ समय से जापान और चीन में तनाव बना हुआ है.
7 दिसंबर 2025 को जापान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ओकिनावा के पास ईस्ट चाइना सी में चीनी नौसेना के J-15 फाइटर जेट ने जापान के OP-3C सर्विलांस एयरक्राफ्ट और उसके साथ उड़ रहे F-15 फाइटर जेट पर फायर कंट्रोल रडार लॉक किया.
रडार लॉक का मतलब है कि मिसाइल दागने की पूरी तैयारी कर ली गई हो. जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "यह हरकत हमारे विमानों की सुरक्षित उड़ान के लिए गंभीर खतरा थी."
चीनी नौसेना के प्रवक्ता कर्नल वांग जुएमेंग ने साफ कहा कि जापान का आरोप पूरी तरह गलत है. उनके मुताबिक चीनी नौसेना मियाको जलडमरूमध्य के पास पहले से घोषित ट्रेनिंग कर रही थी. इसी दौरान जापानी विमान बार-बार करीब आए और चीनी जहाजों व विमानों की गतिविधियों में बाधा डाली.
चीन का कहना है कि उसके किसी भी विमान ने जापानी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन नहीं किया. उल्टा जापान खुद उकसावे वाली हरकत कर रहा है और अब शिकार बनने का नाटक कर रहा है.
यह कोई पहली घटना नहीं है. जापान और चीन के बीच सेनकाकू/दियाओयू द्वीपों को लेकर सालों से विवाद चल रहा है. इसके अलावा ताइवान मुद्दे ने आग में घी डालने का काम किया है.
हाल ही में जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने साफ कहा था कि अगर चीन ने ताइवान पर हमला किया तो यह जापान की सुरक्षा के लिए भी खतरा होगा और जापान चुप नहीं बैठेगा. इसके जवाब में चीन ने अपने नागरिकों को जापान यात्रा न करने की सलाह दी और जापान से सी-फूड आयात पर लगी पाबंदी भी हटाने से इनकार कर दिया.