'आसमान से बरस रही थी आग...जेहन से जाता नहीं वो खौफनाक मंजर', ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जैश-ए-मोहम्मद का कबूलनामा

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के जहन से एक साल बाद भी ऑपरेशन सिंदूर का खौफनाक मंजर गया नहीं है. सोशल मीडिया पोस्ट में जैश ने हमले की रात को भयावह बताया है.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाकर आतंक की फैक्टी का सफाया कर कर दिया था. इसको लेकर एक बार फिर जैश-ए-मोहम्मद की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. इनमें संगठन ने उस रात को बेहद डरावना और खौफनाक बताया है. सोशल मीडिया पोस्ट में संगठन ने दावा किया कि हमलों के दौरान आसमान से आग बरसती दिखी और कई जगहों पर जोरदार धमाके भी हुए. गौरतलब है कि भारत ने यह कार्रवाई पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए की थी, इसमें कई आतंकी ठिकानों का सफाया किया गया था.

अब जहन में है ऑपरेशन सिंदूर का खौफनाक मंजर

भारत के एक्शन के बाद जैश-ए-मोहम्मद की एक्टिविटी पर बहुत गहरा असर हुआ था. आतंकियों ने ये माना है कि हमले में उसके कई अहम ढांचे नष्ट हो गए थे. खासकर बहावलपुर क्षेत्र में मौजूद ठिकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा था, जिससे आतंकियों का प्रशिक्षण और भर्ती नेटवर्क पर बुरा असर हुआ था.

सोशल मीडिया पोस्ट में किए दावे

हाल ही में सामने आई जैश की पोस्ट में संगठन ने उस रात को बहुत डरावना मंजर बताया है. जैश ने दावा किया गया कि हमलों के दौरान आसमान से आग जैसी स्थिति दिखाई दे रही थी और लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई दे रहीं थी. संगठन ने इसे अपनी यादों में गहरा असर छोड़ने वाला बताया है. 

अल-मोमिनात का आया बयान

वहीं जैश की की महिला शाखा अल-मोमिनात ने दावा किया कि हमलों के बावजूद उनकी एक्टिविटी जारी रही. पोस्ट में कहा गया कि पिछले कुछ दिनों में हजारों महिलाओं से संपर्क किया गया और बड़ी संख्या में नई लोगों को जोड़ा गया.  रिपोर्ट्स के अनुसार बहावलपुर में मौजूद कई महत्वपूर्ण इमारतें जिनमें सब्हान अल्लाह मस्जिद भी शामिल थी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं थी. यह ठिकाना संगठन का मुख्यालय माना जाता था और यहां से कई गतिविधियों का संचालन होता था.

पाकिस्तान ने दी थी प्रतिक्रिया

इसी दौरान पाकिस्तान ने अपनी जवाबी कार्रवाई को 'बुनयान अल-मर्सूस' नाम दिया था जिसका अर्थ एक मजबूत दीवार या रक्षा कवच बताया जाता है. पाकिस्तान ने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता दिखाने के प्रयास के रूप में पेश किया था.