इजरायल का यमन पर बड़ा हमला, बारूद की आग से लाल हुआ आसमान; हूतियों का नामो-निशान मिटाने के लिए 30 फाइटर जेट भेजे
यह हमला हौथी विद्रोहियों द्वारा इजराइल के प्रमुख हवाई अड्डे पर मिसाइल हमले के एक दिन बाद हुआ. इजराइली वायुसेना के लगभग 30 लड़ाकू जेट यमन के सना और होदेइदाह में विभिन्न ठिकानों पर व्यापक हमले कर रहे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में यमन के दूसरे सबसे बड़े बंदरगाह पर बड़े पैमाने पर बमबारी की गई. यह हमला हौथी विद्रोहियों द्वारा इजराइल के प्रमुख हवाई अड्डे पर मिसाइल हमले के एक दिन बाद हुआ. इजराइली वायुसेना के लगभग 30 लड़ाकू जेट यमन के सना और होदेइदाह में विभिन्न ठिकानों पर व्यापक हमले कर रहे हैं.
हौथियों के हमले का जवाब
हौथी विद्रोहियों ने रविवार को तेल अवीव के पास बेन गुरियन हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जो टर्मिनल 3 से मात्र 75 मीटर दूर गिरी. इस हमले में 8 लोग घायल हुए. हौथी प्रवक्ता याह्या सरिया ने कहा, “फिलिस्तीनी लोगों के समर्थन में हमारा सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक गाजा पर आक्रमण समाप्त नहीं हो जाता और नाकाबंदी नहीं हट जाती.” इसके जवाब में इजराइल ने यमन के सना हवाई अड्डे और होदेइदाह बंदरगाह पर तीव्र हवाई हमले शुरू किए.
सना और होदेइदाह पर हमले
इजराइली लड़ाकू जेट्स ने सना के सैन्य ठिकानों और होदेइदाह के तेल डिपो को निशाना बनाया. यमन के हौथी-नियंत्रित मीडिया ने दावा किया कि इन हमलों में नागरिक हताहत हुए हैं, हालांकि सटीक आंकड़े अभी स्पष्ट नहीं हैं. इजराइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा, “जो कोई भी हमें नुकसान पहुंचाएगा, हम उस पर सात गुना वार करेंगे.” यह हमला अमेरिका के साथ समन्वय में किया गया, जिसने हाल के महीनों में हौथियों पर 800 से अधिक हवाई हमले किए हैं.
क्षेत्रीय तनाव में वृद्धि
हौथी विद्रोहियों के हमले और इजराइल-अमेरिका की जवाबी कार्रवाई ने मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष लाल सागर में वैश्विक व्यापार को और प्रभावित कर सकता है. संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.