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IDF ने बगैर बताए कर दी गाजा में सामरिक विराम की घोषणा! टेंशन में इजरायली PM नेतन्याहू 

Israel Hamas War: इजरायली डिफेंस फोर्स ने रविवार को दक्षिणी गाजा के रफाह इलाके में सामरिक युद्ध विराम की घोषणा की है. सेना ने अपने बयान में कहा कि इस विराम के जरिए फिलिस्तीनियों को मानवीय सहायता पहुंचाने में मदद मिलेगी. रिपोर्ट के मुताबिक, कहा जा रहा है इजरायली सेना ने इस फैसले से पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और वॉर कैबिनेट को भरोसे में नहीं लिया है. सेना के इस फैसले से बेंजामिन नेतन्याहू नाराज बताए जा रहे हैं.

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IDF ने बगैर बताए कर दी गाजा में सामरिक विराम की घोषणा! टेंशन में इजरायली PM नेतन्याहू 
Courtesy: Social Media

Israel Hamas War: इजरायली सेना ने रविवार को गाजा वासियों को राहत सहायता प्रदान करने के लिए सामरिक युद्ध विराम लागू करने की घोषणा की है. यह रोक प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी. इजरायली सेना ने बताया कि यह संघर्ष विराम दक्षिणी गाजा की एक प्रमुख सड़क पर होगा जो इजरायल के नियंत्रण वाले केरेम शालोम चौराहे से होकर रफाह के पूर्वी इलाके सलाह-ए-दीन रोड तक जाती है. केरेम शालोम वह मार्ग है जहां से मिस्र या इजरायल की ओर से गाजा पट्टी में माल ले जाने वाले ट्रकों को भेजा जाता है. कहा जा रहा कि इजरायली डिफेंस फोर्स ने यह निर्णय प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बगैर बताए लिया है. बेंजामिन सेना के इस निर्णय से बेहद खफा हैं. 

इजरायली सेना ने इस सामरिक युद्ध विराम की घोषणा करते हुए कहा कि जंग की शुरुआत के बाद से फिलिस्तीनियों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए आईडीएफ और सीओजीटी (गाजा के इलाकों में सरकारी गतिविधि समन्वयक) द्वारा मानवीय सहायता की दिशा में उठाया गया एक अतिरिक्त कदम है. सेना ने कहा कि इस सामरिक विराम को पहली बार शनिवार को लागू किया गया.  

सेना की योजना में बदलाव नहीं 

हमास के साथ जंग शुरु होने के बाद इजरायली सेना गाजा पट्टी के कई इलाकों में सामरिक युद्धविराम की घोषणा की थी, जिससे फिलिस्तीनियों को मानवीय सहायता पहुंचाने में मदद मिली थी. हालांकि इजरायली सेना ने अपनी नई घोषणा में अधिक समय के लिए एक बड़े इलाके पर सामरिक विराम लागू करने का ऐलान किया है. सेना ने इसके अलावा जारी किए गए अपने अन्य बयान में कहा कि वह स्पष्ट करती है दक्षिणी गाजा में लड़ाई खत्म नहीं हुई है. इजरायली सेना ने यह कदम अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ समन्वय को ध्यान में रखते हुए उठाया है. 

पीएम बेंजामिन ने जताई नाराजगी 

रिपोर्ट के मुताबिक, सेना के इस फैसले से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें यह स्वीकार्य नहीं है. इसके बाद सेना ने उन्हें आश्वस्त किया कि आईडीएफ की नीति में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं हुआ है. रफाह में योजना के अनुसार लड़ाई जारी है. इस बीच इजरायल के अति-दक्षिणपंथी नेता  सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्वीर ने कहा कि जिसने भी ऐसी नीति पर निर्णय लिया है वह मूर्ख है उसे अपने पद पर नहीं रहना चाहिए.