घायल होने के बाद भी नहीं टूटा हौसला..., कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल देगा वीरता पुरस्कार
फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 को हाईजैक होने से बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल नागरिक वीरता पुरस्कार देगा.
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को इजरायल ने भी सलाम किया है. फ्लाईदुबई की फ्लाइट को हाईजैक की कोशिश से बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले मच्छार को इजरायल के नागरिक वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. इजरायली राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने इस सम्मान का ऐलान किया है. मच्छार फिलहाल अबू धाबी में इलाज करा रहे हैं और उनके स्वास्थ्य में सुधार बताया जा रहा है.
इस घटना के दौरान हमलावर को रोकने में छह इजरायली नागरिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इजरायली राष्ट्रपति ने गुरुवार को येरुशलम में ताली मानेस, ज्विका मानेस, यानिव हायुन, डॉ. शोता मुसायेव, आसाफ राजुआन और ओर पारदिलोव को राष्ट्रपति नागरिक वीरता पदक से सम्मानित किया.
स्मित मच्छार के लिए नागरिक वीरता पुरस्कार की घोषणा
इन लोगों ने संकट के समय साहस दिखाते हुए हमलावर को काबू करने में मदद की. इसी कार्यक्रम में राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने कैप्टन स्मित मच्छार के लिए भी नागरिक वीरता पुरस्कार की घोषणा की. उन्होंने कहा कि मच्छार की हिम्मत और पेशेवर क्षमता ने एक बेहद खतरनाक स्थिति को बड़ी त्रासदी में बदलने से रोकने में अहम भूमिका निभाई.
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हमले के बाद तेजी से नीचे जाने लगा था विमान
कॉकपिट में हुए हमले के बाद विमान की स्थिति बेहद खतरनाक हो गई थी. विमान तेजी से नीचे की तरफ जाने लगा और कुछ ही समय में उसने हजारों फीट की ऊंचाई गंवा दी. यात्रियों में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया था. हमले में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इसके बावजूद उन्होंने नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश जारी रखी. घायल अवस्था में उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की. इसके बाद विमान में मौजूद छह इजरायली नागरिक अंदर पहुंचे और उन्होंने हमलावर को काबू कर लिया.
तबुक में सुरक्षित उतारा गया विमान
हमलावर पर काबू पाने के बाद विमान में मौजूद दूसरे पायलटों की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया. इसके बाद फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया. इस घटना को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच आतंकवादी हमले के प्रयास के तौर पर की जा रही है.
पूरे घटनाक्रम में कैप्टन मच्छार की भूमिका बेहद अहम रही. गंभीर चोट के बावजूद उन्होंने जिस तरह स्थिति संभालने की कोशिश की, उससे विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिली. उनकी बहादुरी की इजरायल के साथ-साथ भारत में भी सराहना हुई.
अबू धाबी में चल रहा इलाज
हादसे के बाद कैप्टन स्मित मच्छार को इलाज के लिए अबू धाबी ले जाया गया. फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत में सुधार की जानकारी सामने आई है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार की पुष्टि की है. घटना के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सहित कई नेताओं ने कैप्टन मच्छार की बहादुरी की तारीफ की थी. अब इजरायल की ओर से उन्हें नागरिक वीरता पुरस्कार देने का फैसला उनकी बहादुरी को औपचारिक सम्मान देने की दिशा में बड़ा कदम है.
कब मिलेगा ये सम्मान?
कैप्टन मच्छार को यह पुरस्कार उनके स्वस्थ होने के बाद दिया जाएगा. यह सम्मान उस साहस को मान्यता देता है, जिसके दम पर एक बेहद गंभीर विमान संकट को बड़ी जनहानि में बदलने से रोका गया. साथ ही, यह उन छह इजरायली नागरिकों और विमान के अन्य सदस्यों के योगदान को भी रेखांकित करता है, जिन्होंने मुश्किल समय में मिलकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की.