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India Daily

फिलिस्तीन में 300 बच्चों समेत 1431 मौतें, इजरायल ने युद्धविराम के बाद भी गाजा में किया नरसंहार: UN Report

यूएन की रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलिस्तीनियों को विस्थापित करने के लिए उनके खिलाफ जानबूझकर यौन और प्रताड़ना जैसे अपराध किए गए.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
फिलिस्तीन में 300 बच्चों समेत 1431 मौतें, इजरायल ने युद्धविराम के बाद भी गाजा में किया नरसंहार: UN Report
Courtesy: @AbujomaaGaza

संयुक्त राष्ट्र अपनी एक पड़ताल के बाद इस नतीजे पर पहुंचा है कि इजरायल ने युद्धविराम के बावजूद गाजा पट्टी में नरसंहार जारी रखा और इजरायली सेना ने कब्जाए गए वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ रेप, प्रताड़ना सहित मानवता के खिलाफ अपराध किये. तीन सदस्यीय जांच आयोग ने कहा कि फिलिस्तीनियों को विस्थापित, अपमानित और उन पर अत्याचार करने के लिए यौन और लिंग आधारित हिंसा का इस्तेमाल किया गया.

जांच में यह भी सामने आया कि देश की नीति के तहत गाजा और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाया गया. आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा, 'आयोग को जांच में पता चला है कि वेस्ट बैंक में इजरायली सैनिकों द्वारा बच्चों को जानबूझकर निशाना बनाया गया. यौन हिंसा भी जानबूझकर की गई. इजरायली प्रशासन को पता था और उनका इरादा बच्चों के खिलाफ किए गए इस कृत्य को व्यापक नागरिक आबादी के खिलाफ हमले का हिस्सा बनाना था.'

इस जांच की अध्यक्षता करने वाले श्रीनिवासन मुरलीधर ने गाजा में हिंसा को वेस्ट बैंक में बसने वाले इजरायलियों द्वारा किए गए हमलों से जोड़ा, उन्होंने दोनों को फिलिस्तीनियों के खिलाफ एक बड़े अभियान का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि ये कार्रवाइयां फिलिस्तीनियों को विस्थापित करने, उनका सफाया करने और उनके लिए असहनीय जीवन की परिस्थितियां थोपने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा थीं.

गाजा में लगातार हमले जारी

यह जांच ऐसे समय में सामने आई है जब गाजा में लगातार इजरायली हमले जारी हैं और वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों द्वारा रिकॉर्ड स्तर पर हिंसा जारी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध खत्म करने के इरादे से युद्धविराम कराया था लेकिन आयोग ने कहा कि इजरायल के हमले जारी रहे और उसकी सेना ने भी कब्जाए हुए क्षेत्र को नहीं छोड़ा.

1431 समेत 300 बच्चों की मौत

रिपोर्ट के मुताबिक, युद्धविराम के दौरान इजरायल ने हवाई हमलों, आर्टिलरी फायर और गोलीबारी से गाजा में 1,431 फिलिस्तीनियों की हत्या की जिसमें 300 बच्चे शामिल थे. रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल ने अपने कब्जे वाले क्षेत्र को 53 प्रतिशत से 60 प्रतिशत कर दिया है.

इजरायली आयोग ने खारिज की रिपोर्ट

हालांकि जेनेवा स्थित इजरायल के आयोग ने इस जांच के निष्कर्षों को यह कहते हुए खारिज किया है कि यह रिपोर्ट इजरायली राज्य को बदनाम करने और उसके अस्तित्व को आपराधिक घोषित करने के लिए चलाए जा रहे यूएन के दुष्प्रचार अभियान का एक और उदाहरण है. व्यक्तिगत आरोपों का जवाब दिए बिना आयोग ने कहा कि यूएन के तमाम संसाधन गलत सूचना को फैलाने, ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने और चरमपंथी विचारधाराओं को फैलाने में इस्तेमाल हो रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इन विकृतियों को खारिज करना चाहिए, आयोग के निष्कर्षों को नकाराना चाहिए और और इसके तत्काल विघटन की मांग करनी चाहिए.

जांच कहती है कि यौन हिंसा छिटपुट घटनाओं तक सीमित नहीं थी बल्कि सामुहिक सजा के बड़े पैटर्न का हिस्सा थी जिसका उद्देश्य फिलिस्तीनी समुदायों को तोड़ना था.

गर्भवती महिला के प्राइवेट पार्ट को छुआ गया

रिपोर्ट में एक गर्भवती फिलिस्तीनी महिला के आरोपों का विस्तार से वर्णन किया गया है जिसकी महिला सैनिकों ने तलाशी ली और उसके गुदा और योनि के अंदरूनी हिस्सों को छुआ. एक अन्य मामले में में हिरासत में ली गई एक महिला को कथित तौर पर पीटा गया, उसके साथ लैंगिग भेदभावपूर्ण अपमान किया गया और उसे पेशाब जाने और सैनेटरी पैड का इस्तेमाल करने से रोका गया जिसके कारण उसका कपड़ों और पूछताछ की कुर्सी पर ही रक्तस्राव हो गया.

पुरुषों का भी किया गया रेप

आयोग ने अपनी रिपोट में हिरासत में लिए गए पुरुषों के साथ भी रेप होने की बात कही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि, 'पिछले निष्कर्षों के अनुसार, पुरुष पीड़ितों को नपुंसक बनाकर उन्हें अपमानित और प्रताड़ित करने के उद्देश्य से उनके साथ गुदा मैथुन किया गया था. दूसरे मामले में एक पीड़ित को उसकी यौन अभिव्यक्ति के कारण निशाना बनाया गया.'

रिपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय अदालतों में हो सकता है विचार

बता दें कि इंटरनेशनल कोर्ट में इजरायल नरसंहार मामले का सामना कर रहा है जबकि अंतराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों का सामना कर रहे हैं. आयोग की रिपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालयों में अभियोजकों द्वारा विचार किया जा सकता है क्योंकि वे गाजा और कब्जे वाले फिलिस्तीन क्षेत्रों में इजरायल के आचरण से संबंधित कार्रवाई कर रहे हैं.